जर्मनी से दुर्ग लौटने वाले को स्क्रीनिंग टोल फ्री नंबर पर नहीं मिला रिस्पांस, पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को दी सूचना

कोराना को लेकर एहतियात बरतने और सूचना मिलते ही राहत कार्य और चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने का फरमान असल में केवल कागजों में नजर आ रहा है। जर्मनी से गृह शहर लौटने की प्रशासन को सूचना देने शहर के एक अधिवक्ता को 2 घंटे से भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।

By: Satya Narayan Shukla

Published: 19 Mar 2020, 10:14 PM IST

दुर्ग@Patrika. कोराना को लेकर एहतियात बरतने और सूचना मिलते ही राहत कार्य और चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने का फरमान असल में केवल कागजों में नजर आ रहा है। जर्मनी से गृह शहर लौटने की प्रशासन को सूचना देने शहर के एक अधिवक्ता को 2 घंटे से भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। टोल फ्री नंबर 104 में किसी तरह का रिस्पांस नहीं मिलने पर अधिवक्ता सिटी कोतवाली पहुंचा और टीआई राजेश बागड़े की मदद से इस आशय की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। खास बात यह है कि दुर्ग जिला अस्पताल में गुरुवार को सर्वाधिक 5 सैंपल लिए गए। जिसे जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जिनके सैंपल लिंए गए है वे दुबई, थाईलैंड, जर्मन से लौटे है।

दोपहर 1.30 बजे टोल फ्री नंबर 104 में जानकारी दी
जिला न्यायालय के अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया कि बुधवार जर्मन में पढ़ाई करने वाले छात्र के गृह शहर पहुंचने और दोस्तों के साथ घुमने की सूचना मिली। उन्होंने तत्काल इसकी पुष्टि की और जानकारी ली कि एयर पोर्ट में छात्र का स्क्रीनिंग हुआ कि नहीं। नहीं का जवाब मिलते ही अधिवक्ता ने गुरुवार दोपहर 1.30 बजे टोल फ्री नंबर 104 में जानकारी दी। लेकिन कंट्रोल रुम में बैठे व्यक्ति ने यह कहते हुए घुमाना शुरू कर दिया कि उस व्यक्ति का टेलीफोन नंबर आवश्यक है। इसके बाद अधिवक्ता ने सिटी कोतवाली पहुंचकर टीआई को जानकारी दी। बाद में वह सीएसपी कार्यालय पहुंचकर जानकारी दी। दोपहर बाद ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल लेकर काउंसलिंग की और छात्र को होम आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी।

जिले में धारा 144 लागू
प्रदेश की राजधानी में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद नगरीय निकाय क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दिया है। इस धारा के तहत अब शहर के किसी भी क्षेत्र में सामूहिक ड्रील, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, सभा बिना अनुमति नही हो पाएगी। नियमों का अवहेलना करने पर प्रतिधात्मक कार्रवाही करने कलेक्टर अंकित आनंद ने एसडीएम,तहसीलदार को अधिकृत किया है। वहीं सीईओ जनपद पंचायत, सिविल सर्जन, सीएमएचओ, बीएमओ को भी अधिकार दिया गया है कि वे आदेश का पालन कराए। खास बात यह है कि अगर नियमों का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति नाबालिग है तो उसके पालक के खिलाफ प्रकरण दर्जकिया जाएगा। कलेक्टर का यह आदेश 5 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

जर्मनी से दुर्ग लौटने वाले को स्क्रीनिंग टोल फ्री नंबर पर नहीं मिला रिस्पांस, पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को दी सूचना, जिले में धारा 144 लागू

सहयोग नहीं करने पर भी होगी कार्रवाही
यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है या फिर ट्रेव्हलिंग हिस्ट्री के बारे में जानकारी मिलती है तो ऐसे व्यक्तियों की सूचना निगरानी समिति को देना अनिवार्य है।अगर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या फिर जानकारी रखने पर स्वत: ही जानकारी सार्वजनिक करना होगा। नहीं करने या निगरानी समिति का सहयोग नहीं करने पर उस व्यक्ति के खिलाफ प्रतिधात्मक कार्रवाही की जाएगी।

जानकारी देने और लेने नंबर
टोल फ्री नंबर -104
टेलीफोन नंबर- 078 8 -2210773

इस कार्य में करें सहयोग
निगरानी समिति के जांच अभियान में, भौतिक परीक्षण. क्वारेंटाइन संगरोध, एहितायत के लिए दुकानें व व्यावसायिक, मागंलिक परिसर के अस्थायी बंद, मुद्रण, निकासी, धुमन, सफाई आधि है। परिसर का आशय आश्रम, छात्रावास, हॉल, लॉज, रेस्टहाउस, गेस्टहाउस, निरीक्षण गृह, धर्मशाला, रिसॉर्ट, निजी शिक्षण संस्था, मंदिर मस्जिद, दरगाह, गुरूद्वारा, चर्च, हाटबाजार एवं निजी घर से भी है।

रिपोर्ट आना बाकी है
डॉ. पी बाल किशोर, सिविल सर्जन जिला अस्पताल आज सार्वधिक 5 सैंपल लिए गए। सभी सैंपल को नियमों के तहत सावधानी बरते हुए लिए गए है। सैंपल को जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया है। 6 सैंपल का रिपोर्ट आना बाकी है।

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Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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