ट्रैफिक इंजीनियरिंग का बड़ा खामियाजा, ब्रेकर पर ट्रक रोका, स्टियरिंग में फंसे ड्राइवर की मौत

ट्रैफिक इंजीनियरिंग का बड़ा खामियाजा, ब्रेकर पर ट्रक रोका, स्टियरिंग में फंसे ड्राइवर की मौत

Dakshi Sahu | Publish: Mar, 14 2018 11:15:38 AM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

सुपेला चौक के ब्रेकर के पास तीन ट्रक एक के बाद एक पीछे से टकरा गए। इस गंभीर हादसे में एक ट्रक चालक की मौत हो गई।

भिलाई. शहर के बीच से गुजरे नेशनल हाइवे पर ट्रैफिक इंजीनियरिंग की खामियों का खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। व्यवस्था सुधारने पुलिस दावा तो कर रही है पर आए दिन दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है। वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने ब्रेकर बना दिए, लेकिन यहां पर न तो लाइट की व्यवस्था की गई और न ही ब्रेकरों पर कैटआई लगाए गए हैं।

इस वजह से दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। बीती रात को इसी अव्यवस्था के चलते सुपेला चौक के ब्रेकर के पास तीन ट्रक एक के बाद एक पीछे से टकरा गए। इस गंभीर हादसे में एक ट्रक चालक की मौत हो गई। वहीं हेल्पर का पैर टूट गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों नासिक के रहने वाले है।

इस हादसे की वजह से एनएच पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था बनाने में जुटी रही। सीएसपी वीरेन्द्र सतपथी रायपुर से एक शादी समारोह से वापस आ रहे थे। उन्होंने पावर हाउस से जाम देखा और तत्काल सुपेला थाना को प्वाइंट दिया। सर्विसलेन से सुपेला पहुंचे फिर व्यवस्था को संभालने लगे। इधर सुपेला थाना पुलिस और छावनी थाना और यातायात पुलिस ने दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सुचारू किया।

मापदंड नहीं
नेशनल हाइवे पर स्पीड को नियंत्रित करने के लिए चौक पर ब्रेकर बनाए गए पर ये मापदंड के अनुसार नहीं बने हैं। शिकायत पर ट्रैफिक पुलिस ने ब्रेकर की ऊंचाई कम की थी। सुपेला चौक पर बनाए गए ब्रेकर पर अंधेरा पसरा रहता है। इस वजह से लोगों को ब्रेकर दूर से दिखाई नहीं देते। यहां पर्याप्त रोशनी नहीं की है। ब्रेकर पर संकेतक नहीं लगाए गए।

नियमानुसार ब्रेकर पर कैटआई लगाना था। जिससे दूर से लोगों को ब्रेकर नजर आ जाए। इसके अलावा ब्रेकर पर सफेद पट्टी लगानी थी। वह भी नहीं की गई है। पावर हाउस सुपेला कोसा नाला तक लोहे की रेलिंग लगाई गई है। जिससे फोरलेन को लोग पार न कर सके। मगर जहां दुर्घटना में रेलिंग टूट गई है। वह उसी स्थान पर पड़ी हुई है। इससे कभी भी हादसा होने की संभावना बनी हुई है।

घटना सोमवार की रात ११.३० बजे ट्रैफिक टावर की है। पहला ट्रक रायपुर से नागपुर जा रहा था। रफ्तार तेज था। चौक पर उसने बे्रकर देख अचानक अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे आ रहा ट्रक भी तेज रफ्तार में था। वह हड़बड़ाया और टकरा गया। इसके साथ ही तीसरा ट्रक दूसरे ट्रक से जोरदार टकराया। दुर्घटना में सबसे पीछे चल रहे ट्रक क्रमांक एमएल ४१, एजी ४००५ का चालक नासिक बसाल (31) स्टेयरिंग में फंस गया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

वहीं हेल्पर सुनील बाग (25) गंभीर रूप से घायल हो गया। २६ फरवरी को एक युवक अपनी मां को बाइक पर बैठाकर घर जा रहा था। अंधेरे के कारण उसे ब्रेकर नहीं दिखा। उस ब्रेकर पर बाइक उछली और पीछे बैठी उसकी मां सड़क पर गिर पड़ी। उसके सिर में चोट आई।

अस्पताल में भर्ती कराया पर इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी कड़ी में सप्ताह भर गरियाबंद निवास चंद्राकर परिवार के सदस्य रिसाली अपने रिश्तेदार के यहां मिलने जा रहे थे। वह भी अपनी बहन को स्कूटर पर बैठाया था। तालपुर के पास ब्रेकर नजर नहीं आया। इसकी वजह से उछलकर उसकी बहन नीचे गिर गई। उसके भी सिर पर चोटें आईं। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

अभी रोड मार्किग का काम चल रहा है। इस फोरलेन पर रोज एक लाख वाहन गुजरते हैं। ट्रैफिक दवाब ज्यादा है। फिर भी फोरलेन के सभी नाम्र्स का पालन किया जा रहा है।
जयंत वर्मा
सब इंजीनियर, एनएचएआई

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