BSP कर्मी की निजी अस्पताल में मौत के बाद जमकर हंगामा, थाने पहुंचे परिजन, रिपोर्ट नेगेटिव थी फिर भी रखा कोविड मरीजों के साथ

bhilai steel plant worker की शहर में निजी अस्पताल में मौत के बाद जमकर बवाल हो गया है। परिजनों ने बीएसआर हाईटेक अस्पताल के प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

By: Dakshi Sahu

Published: 30 Sep 2020, 11:15 AM IST

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारी की शहर में निजी अस्पताल में मौत के बाद जमकर बवाल हो गया है। परिजनों ने बीएसआर हाईटेक अस्पताल के प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने बताया कि कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होने के बाद भी मृतक को कोविड मरीजों के साथ रखकर उपचार किया गया। बीएसपी कर्मी के. अप्पा राव (36 साल) 4 सितंबर को सेक्टर-9 अस्पताल से बीएसआर हाई टेक अस्पताल में रेफर किया गया। जहां उनका कोरोना का इलाज शुरू कर दिया गया। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। इसके बाद यहां जमकर हंगामा हुआ। (coronavirus in chhattisgarh)

इस मामले में परिवार ने स्मृति नगर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है। परिवार का कहना है कि यह मौत लापरवाही से हुई है। जब मृतक की जांच रिपोर्ट नहीं मिली थी तब उनका कोविड समझकर इलाज क्यों किया जा रहा था। इस बात को लेकर देर शाम तक अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच बहस होती रही। आखिर में पुलिस ने पीएम कराने की बात मान ली। मामले की जांच भी की जाएगी। तब जाकर परिवार के लोग घर लौटे।

मौत होने के बाद परिवार को बताया कि दो बार आया था पहले हार्ट अटेक
मृतक के भाई के.जगदीश ने बताया कि घर वाले मंलगवार सुबह 10 बजे के आसपास मृतक को नारियल पानी पिलाया। उसने बात भी की और कुछ देर बाद अचानक अस्पताल प्रबंधन ने मुंह में पाइप लगा दिया और दवा लाने कहा। दवा लेकर आए तब तक मौत होने की जानकारी दी। यह कैसे हो सकता है। जब अस्पताल में परिवार, दोस्तों ने हंगामा किया तब अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि मृतक को 17 और 21 सितंबर को कार्डियक अरेस्ट आया था। आज भी आया और उसकी मौत हो गई। यह बात सही नहीं लग रहा है, क्योंकि कार्डियक अरेस्ट की बात प्रबंधन ने परिजनों को क्यों नहीं बताया।

आरटीपीसीआर में नहीं बता रहा कोरोना
जगदीश ने बताया कि सबसे पहले बीएसपी में 2 सितंबर को कोरोना टेस्ट करवाया जिसमें रिपोर्ट नेगेटिव आया। इसके बाद हाईटेक अस्पताल में दाखिल किया गया। यहां कोविड मरीजों के साथ रखकर वही उपचार किया जाने लगा। सवाल उठता है कि आखिर उन मरीजों के साथ रहकर व्यक्ति संक्रमित होगा या नहीं। इसका नुकसान मरीज को कितना हुआ होगा। दूसरों का वायरस उसके में जाकर उसकी मौत का कारण तो नहीं बना। यह सब साफ होना चाहिए। इस दौरान आरटीपीसीआर टेस्ट करवाए थे, जिसकी रिपोर्ट 20 सितंबर को मिली, जिसमें भाई को कोरोना नेगेटिव है। इस बीच और जांच करवाए या नहीं उसकी रिपोर्ट क्या रही, वह अस्पताल प्रबंधन बता सकता है।

14 को देने वापस कर रहे थे रेफर
जगदीश ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन 14 सितंबर को मरीज को अब ठीक है कहते हुए वापस सेक्टर-9 रेफर करने वाला था, इसके लिए एंबुलेंस भी बुलवा लिए थे। बाद में फिर मना कर दिया। इस तरह से परिवार वालों के मन में बहुत सारा सवाल है, जिसका जवाब प्रबंधन उनके सामने नहीं दे पा रहा है। इस वजह से वे नाराज हैं।

आज होगा पीएम
मृतक की कोरोना जांच नेगेटिव है, इस वजह से पोस्टमार्टम करने की मांग को पुलिस प्रशासन ने मान लिया है। आज लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला के मारच्र्युरी में पोस्टमार्टम किया जाएगा। जिसके बाद मौत की असली वजह साफ हो जाएगी।

मेडिकल बोर्ड करता है जांच
स्मृति नगर पुलिस के मुताबिक परिजनों ने शिकायत की है कि लापरवाही की वजह से मौत हुई है। मृतक को 4 सितंबर को बीएसपी के सेक्टर-9 अस्पताल से रेफर किया गया था। डॉक्टर का कहना है कि उसकी हालत नाजुक थी, वेटिंलेटर पर ही यहां लेकर आए थे। अब शिकायत की जांच की जाएगी और असल जांच तो मेडिकल बोर्ड ही करता है। यह मामला उनके जांच का है।

कार्डियक अरेस्ट से हुई है मौत
डॉक्टर प्रतीक कौशिक, बीएसआर हाईटेक हॉस्पिटल, भिलाई ने बताया कि बीएसपी कर्मचारी के अप्पा राव को जब से लेकर आए थे, वह वेटिंलेटर में ही थे। हालत उनकी अच्छी नहीं थी। उनका लंग्स 23 फीसदी इंफेक्टेट था। दो बार पहले भी कार्डियक अरेस्ट आया था। आज भी कार्डियक अरेस्ट से ही उनकी मौत हो गई। इसके संबंध में परिवार को पहले भी जानकारी दी गई थी। कोरोना जांच रिपोर्ट उसकी नेगेटिव आई थी।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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