.... आग लगने के बाद सीटू ने बीएसपी प्रबंधन को चेताया

.... आग लगने के बाद सीटू ने बीएसपी प्रबंधन को चेताया
BHILAI

Abdul Salam | Updated: 14 Jun 2019, 04:10:07 PM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

यूनियन ने चेतावनी दी कि सप्ताहभर में सल्फेटप्लांट बंद नहीं किए, तो कर्मी काम करना बंद कर देंगे, यह प्लांट जर्जर है कि कभी भी ढह जाएगा,

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) के कोल टावर में गुरुवार व शुक्रवार के दरमियानी रात आग लग गया। इसके पहले नेपथलीन बनने वाले प्लांट में आग लगने से वह खाक हो गया था। आगजनी को गंभीरता से लेते हुए सीटू ने प्रबंधन से साफ कर दिया है कि असुरक्षित माहौल में काम नहीं करेंगे कर्मचारी।

यहां काम करना खतरनाक
जीएम कोक ओवन अच्युत राव से मिलकर सीटू का प्रतिनिधिमंडल मिला। अध्यक्ष एसपी डे ने कहा कि खतरनाक हो चुके टार प्लांट -1 में नए नेपथलीन इकाई का निर्माण किया जाए। टार प्लांट -1 के अन्य इकाइ का चरणबद्ध तरीके से मरम्मत किया जाए। अमोनियम सल्फेट प्लांट-1 को तत्काल बंद किया जाए । कर्मियों ने जीएम को साफ कहा कि वे असुरक्षित माहौल में काम नहीं करगे ।

200 करोड़ की होती है आय
उन्होंने कहा कि जिस प्लांट से हर साल 200 करोड़ की आय होती है। वहां के कर्मियों को एक जर्जर हो चुके असुरक्षित प्लांट में काम कराने की क्या मजबूरी है। जहां प्रबंधन ने 17000 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश किए, उस नए परियोजना से उत्पादन नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है। ठीक उसी समय एक सर्वे ऑफ हो चुकी जर्जर संयंत्र के उत्पादों को बेचकर प्रतिमाह 20 करोड़ से अधिक की नकद आय हो रही है।

कर्मियों ने जान पर खेलकर टाला बड़े हादसे को
24 जून 2019 को सुबह 8 बजे टार प्लांट -1 के नेपथलीन इकाई में लगी आग विध्वंसक रूप ले सकती थी, लेकिन प्लांट के कर्मियों ने सूझबूझ सजगता और जांन की बाजी के लगाकर फायर ब्रिगेड के साथियों के साथ मिलकर एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

शक्तिशाली सीरियल ब्लास्ट की थी आशंका
उन्होंने कहा कि उस दिन टार प्लांट के कर्मी सजगता से काम नहीं करते, तो आग डिस्टलेशन इकाई तक पहुंच सकती थी। अगर डिस्टलेशन इकाई में आग पकड़ लेता तो सीरियल ब्लास्ट शुरू हो जाता, क्योंकि डिस्टलेशन सीधे ऑयल स्टोरेज टैंक से जुड़ा है, जो करीब पेट्रोल के बराबर ज्वलनशील है। आग पकड़ लेती तो यह बैंजोल रेक्टिफिकेशन, एग्जास्टर, सल्फर गोडाउन तक पहुंचता और भयानक तबाही मचती, जिसकी चपेट में आधे बीएसपी कर्मी आ सकते थे।

बंद किया जाएगा अमोनियम सल्फेट प्लांट
यूनियन ने चेतावनी दे दी है कि अगर 1 हफ्ते में सल्फेट प्लांट बंद नहीं किए, तो वहां कर्मी काम करना बंद कर देंगे, क्योंकि यह प्लांट इतना जर्जर हो गया है कि कभी भी ढह सकता है। सीसीडी-3 शुरू होने के बाद अमोनियम सल्फेट प्लांट को बंद कर दिया जाना था, लेकिन सीसीडी 3 का संचालन पूरी तरह नियमित नहीं हो पाने के कारण अभी भी अमोनियम सल्फेट प्लांट चल रहा है।

नए संयंत्र में अमोनिया को गैस से सीधे क्रैक किया जाएगा
नए सीसीडी में अमोनिया को गैस से सीधे क्रैक करके निकाल दिया जाएगा। वर्तमान में अमोनिया को कोक ओवन गैस अमोनियम सल्फेट खाद के रूप में निकाला जाता है। इसके बाद गैस से अन्य रसायन निकालकर साफ गैस को ईंधन के रूप में पूरे संयंत्र में उपयोग करते हैं। लेकिन अमोनिया की क्षय प्रकृति के कारण सल्फेट प्लांट व आसपास के मशीनरिया बहुत जल्द जर्जर हो जाती है। इस वजह से नए प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए अमोनिया को गैस से सीधे निकालने की प्रक्रिया अपनाया गया है।

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