बीएसपी में हुआ बड़ा धमाका, छत की शीट उड़ी, भूकंप समझकर कार्मिक भवन छोड़कर बाहर भागे

बीएसपी एसएमएस-3 में हुए हादसे से यहां लगे दो दर्जन से अधिक शीट पत्ते की हवा में उड़कर गिरे, गनीमत रहा कि कोई चोटिल नहीं हुआ.

By: Abdul Salam

Published: 01 Jul 2019, 06:31 PM IST

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र bhilai steel plant के स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) में सोमवार को सुबह 10.30 बजे बकेट से स्लैग गिरते समय पानी के संपर्क में आ गया। जिससे बड़ा धमाका हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास करीब दो किलोमीटर दूर मौजूद तमाम भवन कांप उठे। इसके भीतर मौजूद कार्मिक भूकंप आ गया सोचकर भागते हुए भवनों से बाहर निकले। तब एसएमएस-3 के समीप काम करने वालों ने बताया कि घटना असल में स्लैग का बकेट माल गिरा रहा था, तब पानी के संपर्क में स्लैग आ गया और धमाका हुआ है। घटना में यहां लगे दो दर्जन से अधिक शीट पत्ते की हवा में उड़कर गिरे, गनीमत रहा कि हादसे में कोई चोटिल नहीं हुआ

यूनियन ने लिया जाएजा
बीएसपी के एसएमएस-3 में हादसे की सूचना मिलते ही सीटू के अध्यक्ष एसपी डे प्रतिनिधि मंडल के साथ मौके का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि धमाका इतना तीव्र था कि आसपास के विभाग की स्ट्रक्चर हिल गया। घटना उस वक्त हुई जब, स्लैग यार्ड में लेडल से गरम स्लैग को बकेट से खाली किया जा रहा था।

इस विभाग में भी हुआ असर
धमाके की तीव्रता कितनी अधिक थी कि आसपास के विभागों के बड़े-बड़े स्ट्रक्चर पूरी तरह हिलने से उत्तपन्न झटके से करीब दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले सिंटर प्लांट-3, कोक ओवन, सीएसपी-3, पीएसडी विभाग तक महसूस की गई। यहां के अधिकारी और कर्मचारी भवन से भागकर बाहर निकले। वे भूकंप आने की आशंका से बाहर निकले थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि धमाका कितना बड़ा था।

इस वजह से हुआ हादसा
जांच कमेटी ने पाया कि एसएमएस-3 के क्रेन ऑपरेटर स्लैग डंप यार्ड में लेडल से गर्म स्लैग को खाली कर रहे थे, तो यार्ड में जमीन के नीचे नमी होने की वजह से बड़ा विस्फोट हो गया। सुरक्षा समिति ने इसके लिए वहां के कर्मियों से बातचीत कर सुझाव मांगा है कि किस तरह से लेडल से में स्लैग गिराते समय वहां जमीन पर पानी बिलकुल न रहे इस बात को तय किया जा सके।

थम नहीं रहा हादसे का सिलसिला
24 जून 2019 को सुबह 8 बजे टार प्लांट -1 के नेपथलीन इकाई में लगी आग विध्वंसक रूप ले सकती थी, लेकिन प्लांट के कर्मियों ने सूझबूझ सजगता और जांन की बाजी के लगाकर फायर ब्रिगेड के साथियों के साथ मिलकर एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

एक अधिकारी, एक कर्मचारी व एक ट्रेनी झुलसे
26 जून 2019 बीएसपी के पॉवर सिस्टम डिपार्टमेंट-2 में 26 जून 2019 की सुबह इलेक्ट्रिक फ्लैश हुआ था। जिससे यहां काम कर रहे एक अधिकारी, एक कर्मचारी व एक ट्रेनी झुलस गए। इनको पहले मेन मेडिकल पोस्ट लेकर गए, इसके बाद सेक्टर-9 हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां बर्न यूनिट में दाखिल कर इलाज किया जा रहा है। जहां उनका उपचार चल रहा है।

पहले लगी थी कॉल टावर में आग
भिलाई इस्पात संयंत्र के कॉल टावर में भी केबल में स्पार्क होने के बाद आग लग गई थी। जिसे नियंत्रित करने में अंधेरा होने की वजह से दमकल विभाग के फायर फाइटरों को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। संयंत्र में इस तरह से बार-बार आगजनी हो रही है। प्रबंधन सुरक्षा को लेकर बंद कमरे में बैठक कर रहा है, दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि सुरक्षा को लेकर जितने एहतियात बरते जाने चाहिए, वह नहीं बरता जा रहा है।

एसएमएस-3 में भी हुआ था बड़ा हादसा
भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस-३) लेडल में २३ मई को एलएफ-2 में लेडल पंचर हो गया, जिससे चंद मिनट में आग फैल गई। इससे यहां काम करने वालों में भगदड़ मच गई। आनन-फानन में दमकल विभाग से २ वाहन को मौके पर भेजा गया। इसके बाद फायर फाइटरों ने करीब एक घंटे तक जद्दोजहद करने के बाद आग को नियंत्रित कर पाए थे। इस दौरान हॉट मेटल जमीन में बह गया और रेलवे ट्रैक पर फैल गया, जिससे यह ट्रैक जाम हो गया।

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