संकट की घड़ी में मंदी से निपटने सेल ने की एक और पहल

स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना के लिए किया गाइड लाइन जारी.

By: Abdul Salam

Updated: 26 Jun 2020, 10:07 PM IST

भिलाई. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) SAIL ने स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना (वीआर स्कीम) के लिए गाइड लाइन जारी किया है। सेल के वे कार्मिक इसका लाभ उठा सकते हैं, जिनकी नौकरी 15 वर्ष से अधिक और उम्र 45 साल से ज्यादा की हो चुकी है। सेल कर्मियों को वीआर लेने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि कर्मियों की संख्या में कटौती हो सके और कर्मियों के वेतन व दूसरी सुविधाओं के नाम पर जो खर्च आ रहा है, उसमें कमी आ सके।

तारीख का जिक्र नहीं
बीएसपी BSP के जो कर्मचारी व अधिकारी वोलेंटरी रिटायरमेंट लेना चाहते हैं, उनके लिए सेल प्रबंधन ने गाईड लाइन जारी कर दी है। लेकिन इसमें अभी आवेदन कब से करना है। इसका कोई जिक्र नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि कम से कम दो माह तक आवेदन लिए जाएंगे। कयास लगाया जा रहा है कि 1 जुलाई 2020 से इसे लागू कर दिया जाएगा। अगस्त तक आवेदन लिया जा सकता है।

वीआर लेने योग्यता तय
सेल ने वीआर लेने के लिए कार्मिकों को कम से कम 15 वर्ष की नौकरी और 45 वर्ष से अधिक उम्र की सीमा तय कर दी है। इसके दायरे में आने वाले ही वीआर स्कीम का लाभ ले सकेंगे। बीएसपी में किसी कर्मचारी की अगर नौकरी 15 साल नहीं हुई है, तो वह वीआर स्कीम का लाभ नहीं ले सकेगा। इसी तरह से जिसका 45 वर्ष उम्र नहीं हुआ है, वह भी इसके दायरे में नहीं आएगा।

यहां से मिलेगी वीआर की स्वीकृति
सेल के विभिन्न यूनिटों में काम करने वाले कार्मिकों के वीआर का आवेदन को भी पदों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर स्वीकार किया जाएगा। इसमें एस-1 से ई-4 ग्रेड तक के कार्मिकों का स्वैच्छिक सेवानिवृत आवेदन यूनिट के हेड ऑफ प्लांट, सीईओ, डायरेक्टर ऑफ रिस्पेक्टिव प्लांट, यूनिट एण्ड डायरेक्टर (पर्सनल) फॉर कॉरपोरेट आफिस स्वीकृत कर सकेंगे। वहीं अधिकारियों में ई-5 से लेकर उच्चाधिकारियों के वीआर के आवेदन की स्वीकार सेल चेयरमैन के माध्यम से किया जाएगा। इसके पहले प्लांट व यूनिट लेवल में स्क्रीनिंग कमेटी आवेदन का बारीकी से जांच करेगी। वहां से मुहर लगने के बाद ही इसे स्वीकार करने आगे बढ़ाया जाएगा।

डीए, बेसिक पर सबकुछ तय
सेल प्रबंधन ने वीआर स्कीम के लिए आवेदन करने वालों के लिए सर्कुलर के माध्यम से यह साफ किया है कि जिन्होंने अब तक 20 वर्ष से अधिक सर्विस कर लिया है, १५ साल की सर्विस बाकी है, तब उसे वीआर लाभ के तहत सेवाकाल के प्रत्येक साल के लिए 35 दिन का बेसिक, डीए दिया जाएगा। इसके अलावा बचे हुए 15 साल के लिए हर साल के लिए 25 दिन का वेतन दिया जाएगा। अगर किसी बीएसपी कर्मचारी का 15 साल की सर्विस बाकी है और बेसिक व डीए ५० हजार रुपए है तो उसे इस योजना के तहत वीआर कंपनसेशन दिया जाएगा। 700 दिन का वेतन सेवाकाल का और 375 दिन का वेतन बचे हुए वर्ष का दिया जाएगा। इसके अलावा ईपीएफ, ग्रेच्यूटी व लीव इंन कैशमेंट का रुपए अलग से मिलेगा।

इनको दिया जाएगा वीआर
जिस बीएसपी कर्मचारी की औसत उपस्थिति पिछले 3 साल में 240 दिन से कम होगी, उसे वीआर स्कीम लेना होगा। वहीं वह अधिकारी जिसका क्रेडिट पांइट 160 से कम हो, उनको भी वीआर स्कीम दिया जाएगा। वहीं जो कर्मचारी नई यूनिट में काम कर रहे हैं और मैट्रिक से कम पढ़े हैं, उनको भी वीआर स्कीम का लाभ दिया जाएगा।

इनको नहीं दिया जाएगा वीआर
स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति बीएसपी के विशेषज्ञ चिकित्सकों को नहीं दी जाएगी। कंपनी सेक्रेटरी, चार्टर एकाउंटेंट, मेडिकल टेलिकम्युनिकेश, स्टूमेंटेशन, लीग डिपार्टमेंट फायर एण्ड सेफ्टी विशेषज्ञों को अलग रखा है। इसी तरह से प्रोजेक्ट व मॉडेनाइजेशन में क्रिटिकल काम करने वालों को भी इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।

पेंशन स्कीम का मिलेगा लाभ
सर्कुलर में साफ किया गया है कि पेंशन स्कीम का लाभ कर्मिकों को मिलेगा। कर्मचारी व अधिकारी पेंशन स्कीम की वजह से कहीं वीआर लेने से कतराएं न, इस वजह से यह पहले ही सर्कुलर में बता दिया गया है, कि पेंशन स्कीम का लाभ उनको नियम के तहत दिया जाएगा।

लोन भी कर सकेंगे अदा
वीआर लेने वाले कर्मचारी व अधिकारी बीएसपी से लिए हुए लोन या एडवांस की राशि को ब्याज समेत उस राशि से जमा कर सकते हैं, जो उनको वीआर के दौरान मिलनी है। प्रबंधन ने इस तरह से राशि को एडजेस्ट करने की सुविधा भी दी है।

देना होगा टैक्स
वीआर स्कीम के तहत मिलने वाले कंपनसेशन की राशि पर नियमानुसार टैक्स देना होगा।

सेल में नहीं मिलेगी नौकरी
वीआर स्कीम का लाभ लेने वाले कार्मिकों को सेल की किसी भी यूनिट में नौकरी नहीं दिया जाएगा। यहां तक कि सेल के ज्वाइंट वेंचर में भी उनको काम पर नहीं रखा जाएगा।

यह है नुकसान
- सेल में जिस पद से कर्मचारी वीआर ले लेते हैं, उस पद को ही समाप्त कर दिया जाता है।
- नई भर्ती उस पद पर नहीं ली जाती।
- मेन पॉवर पहले ही बीएसपी में कम होते जा रहे हैं, वीआर से नियमित कर्मियों की संख्या और घट जाएगी।
- स्थाई नेचर के कार्य, ठेका श्रमिकों के हाथ में दिया जाएगा। इससे काम के प्रति जवाबदारी हो जाएगी कम।

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Abdul Salam Reporting
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