देखिए CM और Home minister जी, आपके गृह जिले में वर्दी वाले नहीं सुरक्षित, वीडियो पत्रिका के पास

देखिए CM और Home minister जी, आपके गृह जिले में वर्दी वाले नहीं सुरक्षित, वीडियो पत्रिका के पास
देखिए सीएम और होम मिनिस्टर जी, आपके गृह जिले में वर्दी वाले नहीं सुरक्षित, वीडियो पत्रिका के पास

Satyanarayan Shukla | Updated: 18 Sep 2019, 01:15:00 AM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के क्षेत्र में वर्दी वाले ही महफूज नहीं है। मनमाफिक काम नहीं होने पर कांग्रेसी कार्यकर्ता पुलिस जवानों से मारपीट और उनकी वर्दी तक उतरवा देने की धमकी देने लगे हैं। ऐसा ही एक वाकिया रविवार को जामुल थाना क्षेत्र में हुआ।

भिलाई@Patrika. मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के क्षेत्र में वर्दी वाले ही महफूज नहीं है। मनमाफिक काम नहीं होने पर कांग्रेसी कार्यकर्ता पुलिस जवानों से मारपीट और उनकी वर्दी तक उतरवा देने की धमकी देने लगे हैं। (Chief minister Bhupesh baghel) ऐसा ही एक वाकिया रविवार को जामुल थाना क्षेत्र में हुआ। कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एक प्रधान आरक्षक और दो आरक्षकों से मारपीट की और उनकी वर्दी तक फाड़ दी। (Home minister og chhattisgarh) गौर करने की बात तो यह है कि आपबीती की जानकारी देने जवान बीच बचाव करने वालों को साथ लेकर अपने अफसर के पास पहुंचे तो अफसर बजाए अपने जवानों की बात सुनने के तीनों को कमरे में बंद कर दिया। (Chhattisgarh police) इतना ही नहीं आरोपियों को पकडऩा छोड़ जवानों का बचाव करने पहुंचे बेकसूर लोगों के ही खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी। (Vhilai patrika) पुलिस अधीक्षक प्रखर पांडेय (Durg SP) ने जवानों के साथ मारपीट से साफ इनकार कर दिया जबकि घटना का वीडियो पत्रिका के पास है।

बीच-बचाव करने लोगों को आरोपी बना दिया

रविवार की रात जामुल थाना प्रभारी धरम सिंह मंडावी की चरोदा में मुख्यमंत्री निवास पर ड्यूटी थी। धारदार हथियारों से लैस समाजकंटकों द्वारा मोहल्ले में उत्पात मचाने की सूचना पर उन्होंने प्रधान आरक्षक रामकृष्ण तिवारी, आरक्षक संजय मिश्रा और विवेक सिंह को राजीव नगर छावनी भेजा। तीनों जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां पर कोई दिखाई नहीं दिया। प्रधान आरक्षक तिवारी ने उसी नम्बर पर कॉल किया जिससे फोन पर सूचना मिली थी। तब तक कांग्रेसी नेता विजय चौधरी, अशोक चौधरी, रवि चौधरी सहित कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। विजय ने तिवारी से कहा कि मैंने ही फोन किया था। कुछ अपराधी तत्व तलवार लेकर आए थे। वे भाग गए, लेकिन हथियारों को पड़ोसी के घर में रख दिए हैं। जवानों ने उस घर की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। इस पर विजय और अशोक उस घर में बेडरूम की तलाशी लेने दबाव डालने लगा। जवानों ने कहा कि किसी के बेडरूम में तलाशी नहीं ले सकते। इस पर विजय, अशोक, रवि जवानों को विधायक का धौंस दिखाते हुए उनकी वर्दी उतरवा देने की धमकी देने लगे। जवानों के गिरेबां में हाथ डालते हुए झूमाझटकी की। जवानों को मार खाते देख बृजेश राजभर, राजेश राजभर, राहुल और सूरज भान समेत मोहल्ले के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे। बाद में पुलिस ने इन्हीं लोगों को आरोपी बना दिया।

मोहल्ले वालों ने किया थाने का घेराव
जामुल पुलिस ने अपने जवानों के साथ मारपीट करने वालों पर केस दर्ज करने के बजाए दूसरे दिन मोहल्ले के बेकसूर लोगों के खिलाफ एफआइआार दर्ज कर दी। इससे गुस्साए मोहल्ले की महिलाओं और पुरुषों ने थाने का घेराव कर दिया। इस घटना की जानाकरी मिलते एएसपी रोहित कुमार झा, छावनी सीएसपी विश्वास चंद्राकर, भिलाई नगर सीएसपी अजीत यादव और पांच थानों के टीआई पहुंचे। लाइन से बल भी बुलाना पड़ा।

देखिए सीएम और होम मिनिस्टर जी, आपके गृह जिले में वर्दी वाले नहीं सुरक्षित, वीडियो पत्रिका के पास

मीडिया को जवानों से बात करने से रोका

जामुल थाना महिलाओं से घिरा हुआ था। टीआई के कक्ष में मामले को लेकर बातचीत चल रही थी। सच्चाई जानने जब पत्रिका ने मारपीट के शिकार हुए जवानों से बात करने कहा तो थाना प्रभारी धरम सिंह मंडावी ने यह कहकर मना कर दिया कि तीनों का साप्ताहिक अवकाश है। थाना में नहीं हैं। निवास का पता बताने से भी मना कर दिया। जबकि तीनों जवान थाना के पीछे बनाए गए बल कक्ष में मौजूद थे। यहां बातचीत में जवानों ने सच्चाई का खुलासा किया।

जवानों का दर्द उन्हीं की जुबानी
पत्रिका ने घटना के बारे में जवानों से बात की तो उनकी आखें भर आई। उन्होंने बताया कि बेडरूम की जांच करने से मना किया तो विजय चौधरी, रवि चौधरी, अशोक चौधरी ने वर्दी उतार देने की धमकी देते हुए कालर को पकड़ लिया। उनकी संख्या ज्यादा थी। वे हम लोगों के साथ झूमाझटकी करने लगे। नाम पट्टी और वर्दी फट गई।

इसलिए कह रहे हैं नेता के दबाव में पुलिस

केस-वन
खुर्सीपार पुलिस ने कबाड़ी के यहां छापा मारकर रेलपांत के स्क्रैप और एक ट्रक का कबाड़ जब्त किया। लेकिन शाम तक एक नेता के कहने पर बिना कार्रवाई किए थाने से छोड़ दिया।

केस-टू
एनएसयूआई का कार्यकर्ता एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में घुसकर मैनेजर की पिटाई कर दी। मैनेजर छावनी थाना पहुंचा, लेकिन एक नेता के फोन आ जाने पर पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बजाए पीडि़त मैनेजर को समझौता करने पर मजबूर कर दिया।

केस-थ्री
बीएसपी का इन्फोर्समेंट विभाग सेक्टर-7 में एक सामाजिक भवन की फेंसिंग को जब्त कर टीए बिल्ंिडग ले गया। विरोध में महिलाओं ने भिलाई नगर थाना का घेराव कर दिया। दबाव में आकर पुलिस ने एक निर्दोष के खिलाफ चोरी का अपराध दर्ज कर दिया जिसका घटना से कोई लेना-देना नहीं था।

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