मात्र 22 साल की उम्र में IAS ऑफिसर बनी छत्तीसगढ़ की सिमी, पहले प्रयास में ही अपने इंटरव्यू से बोर्ड को कर दिया इंप्रेस

संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अंतिम परिणाम जारी किए। जिसमें छत्तीसगढ़ के भिलाई की सिमी करण ने मात्र 22 साल की उम्र में आईएएस ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। (UPSC topper simi karan chhattisgarh)

By: Dakshi Sahu

Published: 05 Aug 2020, 12:22 PM IST

भिलाई. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC Civil services exam 2019 result) ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अंतिम परिणाम जारी किए। जिसमें छत्तीसगढ़ के भिलाई की सिमी करण ने मात्र 22 साल की उम्र में आईएएस ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। अंतिम परिणाम में 31 वां रैंक पाने वाली सिमी करण का दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे एवं एसपी प्रशांत ठाकुर ने सम्मान किया। इस अवसर पर सिमी ने अपने अब तक का सफर भी उनके साथ साझा किया।

इंटरव्यू का अनुभव किया साझा
सिमी ने सबसे रोचक अनुभव इंटरव्यू का बताया। इंटरव्यू के दौरान उनसे एक अप्रत्याशित प्रश्न पूछा गया कि आईआईटी कैंपस पवई जहां से उन्होंने बीटेक किया है वहां इधर उधर गायें काफी घूमती दिखती हैं। इस पर आपका क्या कहना है। सिमी को लगा कि बोर्ड उसका जजमेंट स्कील देखना चाहता है। यह थोड़ा अलग सा प्रश्न था, उसे लगा कि इसका उत्तर भी इसी ढंग से दिया जाए तो बेहतर होगा। उसने कहा कि हम लोगों ने तो आईआईटी क्रैक कर यहां तक पहुंचने में बड़ी मेहनत की, ये गायें बड़ी भाग्यशाली हैं जो यहां बिना परीक्षा दिए विचरण कर पाती हैं।

इस उत्तर से माहौल बिल्कुल हल्का हो गया और उसे लगा कि यह प्रश्न इंटरव्यू को सकारात्मक दिशा में ले जाने का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। सिमी ने बताया कि आईएएस की तैयारी का विचार हमेशा से नहीं था। यह बीटेक करने के दौरान आया। इस मौके पर कलेक्टर ने कहा कि वे जब तक शहर में है तब तक वे यूपीएससी की तैयारी के इच्छुक जिले के युवाओं को सफलता के टिप्स दें। सिमी अभी केवल 22 साल की हैं। उन्हें अभी लंबा करियर तय करना है। इतनी जल्दी उन्होंने अपने सपनों को पूरा किया, यह बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

मात्र 22 साल की उम्र में IAS ऑफिसर बनी छत्तीसगढ़ की सिमी, पहले प्रयास में ही अपने इंटरव्यू से बोर्ड को कर दिया इंप्रेस

बच्चों ने बदली सोच
सिमी ने बताया कि आईआईटी जाने के बाद वह भी दूसरे युवा की तरह बेहतर प्लेसमेंट के बारे में सोचती थी,लेकिन पढ़ाई के दौरान जब वह अभ्यासिका के जरिए गरीब बच्चों को पढ़ाने लगी तब उसका मन बदल गया और वह ऐसे हजारों बच्चों की जिंदगी बदलने कलेक्टर बनने का सपना देखने लगी। सिमी ने कहा कि उनके पास समय बहुत कम था फिर भी वह प्रतिदिन नियमित रूप से 10- 12 घंटे पढ़ाई किया करती थी। उसने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी पॉलीटिकल साइंस विषय को लेकर की थी।

पॉलिटिकल साइंस को चुना तैयारी के लिए
सिमी ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियङ्क्षरग में अपनी डिग्री ली। इस पर सिमी ने कहा कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बहुत बड़ा सब्जेक्ट है इसलिए उसने आईएएस एग्जाम के लिए पॉलिटिकल साइंस को चुना था। जिसकी पढ़ाई जनरल स्टडी के विषय के साथ ही आसानी से हो रही थी। भिलाई के प्रगतिनगर में रहने वाली सिमी के पिता डीएन करण बीएसपी के फाइनेंस डिपार्टमेंट में जीएम है और मां सुजाता करण डीपीएस दुर्ग में शिक्षक है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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