छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार बिजली चोरी में दंपती को छह माह सजा और 16 लाख जुर्माना

ग्राम घोरदा में संचालित क्रेशर प्लांट में बिजली चोरी के मामले में कोर्ट ने पति-पत्नी पर 4-4 लाख जुर्माना व छह-छह माह का कारावास की सजा सुनाई है।

By: Satya Narayan Shukla

Published: 06 Jun 2018, 12:21 AM IST

राजनांदगांव. जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर अर्जुनी क्षेत्र के ग्राम घोरदा में संचालित क्रेशर प्लांट में बिजली चोरी के मामले में कोर्ट ने पति-पत्नी पर ४-४ लाख जुर्माना व छह-छह माह का साधारण कारावास की सजा सुनाई है। चार-चार लाख को जमा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा बिजली चोरी मामले में विद्युत वितरण कंपनी को ८ लाख रुपए अतिरिक्त देना होगा। आरोपी निर्मलचंद जैन पिता कैलाशचंद राजनांदगांव के सुदर्शन हाऊस जीई रोड का निवासी है।

घोरदा में स्टोन के्रशर प्लांट

मिली जानकारी अनुसार निर्मलचंद जैन का घोरदा में स्टोन के्रशर प्लांट संचालित है। यहां उसने 20 हार्सपावर के लिए दो कनेक्शन लिया हुआ है। दूसरा कनेक्शन उनकी पत्नी पद्मा जैन के नाम पर है। इस दोनों कनेक्शन के मीटर में रजिस्टेंस (बिजली अवरोधक) लगाया हुआ था। मीटर के रूटीन जांच में 16 नवंबर को पहुंचे विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों को मीटर से छेड़छाड़ करने का शक हुआ।

35 हार्सपावर खपत करने का खुलासा
टांग मीटर से इसकी जांच की गई। जांच में सतर्कता टीम ने पाया कि बिजली खपत कम करने के लिए मीटर में रजिस्टेंस (खपत में बाधा उत्पन्न) लगाया गया है। जांच में १५ हार्सपावर अतिरिक्त अर्थात ३५ हार्सपावर खपत करने का भी खुलासा हुआ। कर्मचारियों ने पंचनामा मामले को विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम राजनांदगांव के न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद मीटर को जांच के लिए भिलाई के लेबोरेटरी में भेजा गया।

 

Rajnandgaon crime

6-6 माह की साधारण कारावास व 4-4 लाख जुर्माना

वहां जांच में मीटर में रजिस्टेंस लगे होने की पुष्टि हुई। इस आधार पर १७ मई २०१८ को न्यायाधीश आलोक कुमार ने अभियुक्त निर्मलचंद व उनकी पत्नी पदमा को भारतीय विद्युत अधिनियम २००३ की धारा १३५ के अंतर्गत ६-६ माह की साधारण कारावास व ४-४ लाख रुपए जुर्माना लगाया है। रुपए जमा नहीं करने पर चार माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

दोनों ही मीटर में की जा रही थी चोरी
बिजली कंपनी के अफसरों का दावा है कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब बिजली चोरी के आरोप में पति-पत्नी दोनों को सजा सुनाई गई हो। इन दोनों के नाम से मीटर लगा हुआ था और दोनों ही मीटर में बिजली चोरी की जा रही थी। अफसरों ने कहा कि रूटीन जांच में चोरी पकड़ी गई है। २० हार्सपावर बिजली जलाने की अनुमति ली गई थी, लेकिन जांच में करीब ३५ हार्सपावर बिजली जलाने का खुलासा हुआ है। यह गंभीर अनियमितता है।

 

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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