CG विधानसभा: स्वास्थ्य मंत्री जी बताओ, कैसे होगा एक लाख 16 हजार लोगों का उपचार

CG विधानसभा: स्वास्थ्य मंत्री जी बताओ, कैसे होगा एक लाख 16 हजार लोगों का उपचार

Dakshi Sahu | Publish: Feb, 15 2018 04:44:30 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने बजट सत्र में स्मार्ट कार्ड आवेदनों को लेकर सवाल किया

भिलाई. छत्तीसगढ़ के विधानसभा में स्मार्ट कार्ड के लंबित आवेदनों का मामला गूंजा। दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा ने बजट सत्र में स्मार्ट कार्ड आवेदनों को लेकर सवाल किया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने केवल दुर्ग जिले मेें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 1,16,247 आवेदन लंबित होने की जानकारी दी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा के आवेदन भी लंबित होने की बात कही।

विधानसभा के बजट सत्र में विधायक वोरा ने सदन में सवाल उठाया कि दुर्ग जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत स्मार्ट कार्डधारियों की संख्या कितनी है। कितने लोगों के आवेदन लंबित है। जवाब में मंत्री चंद्राकर ने कहा कि दुर्ग जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 1,80,160 और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 1,08,930 स्मार्ट कार्डधारी परिवार हैं।

1,16,247 आवेदन लंबित
मंत्री ने सदन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में 1,674 और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 1,16,247 आवेदन लंबित होने की जानकारी दी। स्मार्ट कार्ड से गरीबों का इलाज करने के नाम पर शासकीय एवं निजी अस्पतालों ने वर्ष 2016 -17 में 41 करोड़ से अधिक की राशि बीमा कंपनी को क्लेम के रूप में भुगतान की जानकारी दी।

कंपनियों को 65 फीसदी क्लेम का भुगतान
व वर्ष 2017 के दिसम्बर माह तक की क्लेम राशि का 7५ फीसदी राशि बीमा कंपनियों को भुगतान किया जा चुका है। 25 फीसदी राशि शेष है। इस पर वोरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके बावजूद जिले के राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के हितग्राहियों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।

निजी चिकित्सालय स्मार्ट कार्डधारियों को भुगतान में विलंब का हवाला देते हैं। स्मार्टकार्डधारियों का इलाज करने से टालमटोल करते हैं। उन्होंने सदन में हितग्राहियों के इलाज में टालमटोल करने वाले चिकित्सालयों और बीमा की प्रक्रिया में विलंब करने वाले कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आवेदनकर्ताओं का नहीं हुआ फोटोग्राफी
दरअसल में शासन ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत नवंबर से स्मार्ट कार्ड बनाया जाना है। जो लोग आवेदन देने से छूट गए हैं। उनको आवेदन जमा करने के लिए शासन ने अक्टूबर में एक मौका दिया था। लोगों ने स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए निर्धारित प्रारुप में २७ अक्टूबर तक आवेदन शासकीय उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या फिर अपने वार्ड के महिला बहुउद्देशीय कार्यकर्ता, एएनएम, मितानीन के जमा किया, लेकिन अब तक उनका फोटोग्राफी नहीं हो पाया है।

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