हीरक जयंती: दिग्विजय कॉलेज में इस साल से होगी बीपीएड की पढ़ाई

Satya Narayan Shukla

Publish: Feb, 14 2018 10:41:19 PM (IST)

Bhilai, Chhattisgarh, India
हीरक जयंती: दिग्विजय कॉलेज में इस साल से होगी बीपीएड की पढ़ाई

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय की हीरक जयंती के पहले दिन पुराने छात्र और प्राध्यापक जुटे और पुरानी यादें ताजा कीं।

राजनांदगांव. शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय की हीरक जयंती के दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन पुराने छात्र और प्राध्यापक जुटे और पुरानी यादें ताजा कीं। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महाविद्यालय को करोड़ों रुपए की सौगात दी।

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय की हीरक जयंती
हीरक जयंती समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने एक करोड़ 40 लाख रुपए के अध्यापन भवन, 53 लाख के सौर सयंत्र और 45 लाख के हीरक जयंती उद्यान सहित 5.46 करोड़ के बालक एवं बालिका छात्रावास तथा 45 लाख की लागत से बनने वाली विवेकानंद सभागार का भूमिपूजन किया। उन्होंने महाविद्यालय में बीपीएड (बेचलर इन फिजिकल एजुकेशन) का पाठ्यक्रम प्रारंभ करने और मिट्टी व वाटर परीक्षण केन्द्र सहित सिकलसेल केन्द्र के लिए 38 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

वैश्विक गांव की संकल्पना से जुड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे वैश्विक गांव की संकल्पना से जुड़े और नवीन टेक्नोलॉजी के साथ अध्ययन करने की प्रवृत्ति विकसित करें। सिर्फ किताबी ज्ञान से काम चलने वाली दुनिया नही हैं, इस प्रसंग में उन्होंने अपने विदेश यात्रा का संस्मरण सुनाते हुए कहा कि कई देशों की स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विज्ञान की व्यवस्था भारतीय प्रतिभाओं द्वारा संभाली जा रही है। उन्होंने संस्थापक सदस्य पं. किशोरी लाल शुक्ल सहित महंत राजा दिग्विजय दास के योगदान का उल्लेख किया और डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी तथा गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों से जुड़े इस संस्कारी संस्था को प्रदेश का सर्वाधिक गौरवशाली शिक्षण संस्थान बताया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महापौर एवं जनभागीदारी अध्यक्ष मधुसूदन यादव, प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह और छात्रसंघ अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।

एलुमनी ने की यादें ताजा
पहले दिन पूर्व छात्र अशोक चौधरी के संयोजन में महाविद्यालय के पूर्व छात्रों ने उपस्थिति देकर अपनी पुरानी संस्था के प्रति आभार प्रकट करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन के रोचक अनुभव सुनाए। इस क्रम में सन 1960 से लेकर विगत वर्षो के पूर्व छात्र उपस्थित थे। शिक्षा, व्यवसाय, कला से लेकर खेल और प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां दर्शाने वाले एलुमनी ने अपने अनुभव सुनाएं।

एलुमनी का हुआ सम्मान
इस मौके पर लगभग 50 एलुमनी का सम्मान मुख्यमंत्री ने किया। इसके पहले राजनांदगांव शिक्षा मंडल को प्रदान किया जाने वाला सम्मान पत्र महाविद्यालय के संस्थापक सदस्य पं. किशोरी लाल शुक्ल के पुत्र गिरीश शुक्ल को प्रदान किया गया। समारोह का संचालन डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने किया। समारोह के अंतिम चरण में पूर्व छात्रों द्वारा देर शाम तक संास्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसमें गायन, वादन से लेकर नाट्य प्रस्तुति शामिल थी।

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