ऐसा चल रहा निगम का बेदखली अभियान, जिस दुकान को तीन बार हटाया, उसे दे दी अनुमति, पढ़ें खबर

ऐसा चल रहा निगम का बेदखली अभियान, जिस दुकान को तीन बार हटाया, उसे दे दी अनुमति, पढ़ें खबर

Satyanarayan Shukla | Publish: Apr, 17 2018 05:21:05 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

नगर निगम और पुलिस का बेदखली अभियान सिर्फ गरीबों और फुटकर व्यापारियों के खिलाफ चल रहा है। रसूखदार कब्जाधारियों के खिलाफ नहीं।

दुर्ग . नगर पालिक निगम और पुलिस प्रशासन का बेदखली अभियान सिर्फ गरीबों और फुटकर व्यापारियों के खिलाफ चल रहा है। रसूखदार कब्जाधारियों के खिलाफ नहीं। शहर में ऐसे कई रसूखदार हैं जिन्होंने सरकारी और कब्जे की जमीन पर निर्माण कर लिए हैं। इसकी जानकारी खुद निगम के राजस्व विभाग के अधिकारियों है। वहीं सड़क किनारों से हटाए गए ऐसे फुटकर व्यापारी जो वर्षों से एक अदद गुमटी की मांग कर रहे हैं उन्हें आज-तक आवंटित नहीं की गई। वे लोग सड़क पर आ गए हैं। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। निगम एवं पुलिस प्रशासन की आड़ में संबंधित अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। यदि फुटकर व्यापारी भी संगठित होकर सड़क पर उतर आए तो निगम के अधिकारियों के पांव तले जमीन खिसक जाएगी। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि राजेंद्र प्रसाद चौक से हटाए गए फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों का आरोप है। इनमें कई लोग ऐसे हैं जिनके गुमटी के लिए आवेदन निगम में दो दशक से लंबित है। गुमटी के एवज में राशि भी जमा कर दी गई थी किंतु तत्कालीन कर्मचारियों ने उन्हें रसीद ही नहीं दी है। इसके चलते वे निगम में गुमटी के लिए दावा भी नहीं कर पा रहे हैं।

अब दे दी बनाने की अनुमति
इंदिरा मार्केट में सूर्या जूस पॉर्लर नामक संस्थान को निगम प्रशासन की ओर से कई बार हटाया गया था। वहां से हटाने के बाद उस व्यवसायी को न तो दूसरे जगह व्यवस्थापन दिया गया और न ही कहीं पर गुमटी दी गई। इश बार भी पुलिस एवं निगम प्रशासन द्वारा वहां से हटा दिया गया। हटाने के बाद किसी दूसरे व्यक्ति से लेन-देन कर निगम के अधिकारियों ने वहां पर दुकान बनाने की बकायदा अनुमति भी दे दी गई है। छज्जा लेबल तक बीम की ढलाई भी हो गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि दुकान बनाने की अनुमति देनी ही थी तो हटाया क्यों गया?

टै्रफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद
निगम प्रशासन के सहयोग से पुलिस विभाग द्वारा शहर की अव्यवस्थित यातायात और पार्किंग की सुधारने अभियान चलाया जा रहा है। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के किसी भी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वहीं इसके लिए जिम्मेदार निगम का अमला पुलिस के साथ-साथ चलता है। अभियान का नेतृत्व करने वाले अधिकारी को यह क्यों नजर नहीं आता कि किसी भी बिग कॉम्प्लेक्स में कहीं पर भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जनता पूछ रही है कि ऐसे कॅाम्प्लेक्स संचालक और उन्हें बनाने के लिए परमिशन देने वाले निगम अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए?

Durg Corporation

बेदखली के साथ-साथ व्यवस्थापन भी हो
निगम और पुलिस प्रशासन को बेदखली अभियान के साथ ही साथ पीडि़तों को व्यवस्थापन भी किया जाना चाहिए। ऐसा करने से जहां निगम की सड़ रही गुमटियों का सदुपयोग होगा वहीं बाद में व्यवस्थापन के नाम पर होने वाली मनमानी पर भी अंकुश लग सकेगा।
शहर के गंजपारा, शनिचरी बाजार सहित ऐसे कई कॉलोनियां है जहां पर बड़ी संख्या में रसूखदारों के अवैध कब्जे हैं। उनके खिलाफ भी अभियान चलाकर कार्रवाई की जानी चाहिए। तभी जनता में निगम और पुलिस प्रशासन की स्वच्छ बनी बनेगी।

रिटायर निगम कर्मचारियों पर भी हो कार्रवाई
नगर निगम के ऐसे कई अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं जिन्होंने अवैध रूप से बिल्डिंग परमिशन दी है। उनके कार्यकाल में हुआ अवैध निर्माण के लिए उन्हें चिंहित कर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे वर्तमान के अधिकारी सबक लेंगे और यह बहाना नहीं बनाएंगे कि तत्कालीन अधिकारी ने सहमति या अनुमति दी थी।

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