ऐसा भी होता है: पुलिस जिस आरोपी को फरार बता रही थी वह जमानत लेने पहुंचा कोर्ट, साथी सरपंच है जेल में

ऐसा भी होता है: पुलिस जिस आरोपी को फरार बता रही थी वह जमानत लेने पहुंचा कोर्ट, साथी सरपंच है जेल में

Satyanarayan Shukla | Publish: Dec, 08 2018 10:44:19 PM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

फर्जी ऋण पुस्तिका और दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने वाले जिस आरोपी को पुलिस फरार बता रही है वह हाईकोर्ट पहुंचकर अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है।

दुर्ग@Patrika. फर्जी ऋण पुस्तिका और दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने वाले जिस आरोपी को पुलिस फरार बता रही है वह हाईकोर्ट पहुंचकर अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। आरोपी रिसाली निवासी अजय कुर्रे(३७) वर्ष पहले जिला न्यायालय के न्यायाधीश गरिमा शर्मा के न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन खारिज होने पर वह हाईकोर्ट पहुंचा है। हाईकोर्ट की मांग पर सिटी कोतवाली पुलिस अब डायरी भेजने तैयारी कर रही है।

प्रकरण की डायरी हाईकोर्ट से मांगे जाने पर खुलासा हुआ
जानकारी के मुताबिक अजय जमीन फर्जीवाड़ा के मामले में रायपुर जेल से कुछ दिनों पहले जमानत पर रिहा हुआ है। इसके बाद वह भिलाई में रह रहा है। सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है कि उसके निवास में लगातार दबिश दी गई, लेकिन आरोपी का कहीं पता नहीं चला। वहीं इधर प्रकरण की डायरी हाईकोर्ट से मांग जाने पर खुलासा हुआ कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने अग्रिम जमानत लेने आवेदन प्रस्तुत किया है।

आरोपी का सरपंच साथी गिरफ्तार
@Patrika.कुछ दिनों पहले सिटी कोतवाली पुलिस ग्राम फुलझर (राजनांदगांव) पंचायत के सरपंच हरिशंकर देशमुख को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। न्यायालय ने आरोपी सरपंच को जेल भेज दिया। सरपंच को पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के छह माह बाद गिरफ्तार किया था।

आधा दर्जन से अधिक अपराध
@Patrika.पुलिस के मुताबिक अजय के खिलाफ जिले के अलग अलग थानों में आधा दर्जन से ज्यादा अपराध दर्ज हैं।दुर्ग पुलिस उसे सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध क्रंमाक ६३४-४२० में गिरफ्तार करने तलाश कर रही है। प्रकरण के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ दुर्ग निवासी आकाश सिंह ने शिकायत की थी। उसने पुलिस को जानकारी दी है कि सरपंच व अजय कुर्रे ने उसे फुलझर स्थित जमीन को दिखाते हुए १० लाख में सौदा किया था। ऋण पुस्तिका दिखाते हुए जमीन को स्वयं को होना बताया था। ५ लाख रुपए लेने के बाद रजिस्ट्री नहीं कराने पर पीडि़त ने जब पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि जमीन का मालिक कोई और है। वह ठगी का शिकार हो गया।

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