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BSP के ठेका श्रमिकों की रिटायरमेंट की आयु 58 से बढ़कर हुई 60, अब नियमित कर्मियों की तरह होंगे रिटायर

भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिकों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 साल कर दी गई है। इससे श्रमिक बिरादरी बहुत खुश हैं। संयंत्र के लगभग 25 हजार ठेका श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। (Bhilai steel plant)

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Aug 10, 2020

बीएसपी के ठेका श्रमिकों की रिटायरमेंट की आयु 58 से बढ़कर हुई 60, अब नियमित कर्मियों की तरह होंगे रिटायर

बीएसपी के ठेका श्रमिकों की रिटायरमेंट की आयु 58 से बढ़कर हुई 60, अब नियमित कर्मियों की तरह होंगे रिटायर

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिकों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 साल कर दी गई है। इससे श्रमिक बिरादरी बहुत खुश हैं। संयंत्र के लगभग 25 हजार ठेका श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। उन्हें 2 वर्ष ज्यादा काम करने का अवसर मिलेगा। भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों के रिटायरमेंट की आयु सीमा 58 वर्ष थी। इसे नियमित कर्मचारियों की तरह बढ़ाकर 60 साल करने की मांग ठेका श्रमिकों के द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। विभिन्न श्रमिक संघ भी ठेका श्रमिकों की इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे जिसमें बीएसपी वर्कर्स यूनियन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सांसद विजय बघेल ने भी इस मामले का पता चलने के बाद ठेका श्रमिकों की मांग को जायज बताते हुए उसे पूरा कराने उचित स्तर पर बातचीत शुरू की। इसके पहले बघेल के प्रयास से ही संयंत्र में कार्यरत एचएसएलटी ठेका श्रमिकों की रिटायरमेंट आयु 58 वर्ष से 60 वर्ष हो सकी। विभिन्न श्रमिक संगठनों के लोगों ने रविवार को उनके सेक्टर 5 स्थित निवास पर मुलाकात कर ठेका श्रमिकों की सेवानिवृत्त आयु में वृद्धि किए जाने के लिए उनके प्रति आभार जताया। श्रमिक नेता प्रभुनाथ मिश्रा, अखिलेश्वर राव ने उनके पहल की सराहना की।

सांसद ने कहा-श्रमिक हित में काम कर रही केंद्र सरकार
इस अवसर पर सांसद बघेल ने सभी ठेका श्रमिकों को और उनके श्रम संगठनों को आश्वस्त किया कि एक सांसद होने के नाते श्रमिक हित में लगातार सार्थक प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार श्रमिकों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास कर रही है। श्रमिकों को उनके पीएफ राशि प्राप्त करने में सरलीकरण किया है। पेंशन योजना में सुधार कर पेंशन की राशि बढ़ाई है। श्रमिकों की अन्य मूलभूत समस्याओं को दूर करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बहुत जल्द कानून लाने जा रही है जिससे श्रमिकों को न्याय मिलने में कोई बाधा ना पहुंचे।