भिलाई 3 मंजूर नहीं वापस भेजें दुर्ग तहसील में, 14 गांवों के सरपंचों ने कलेक्टर को लिखा पत्र, मंत्री और विधायक के सामने भी विरोध

दुर्ग तहसील से अलग कर नवगठित भिलाई तीन तहसील में शामिल किए गए जिला मुख्यालय से लगे 14 ग्राम पंचायतों ने एक फिर दुर्ग तहसील में वापस शामिल करने की मांग उठाई है।

By: Dakshi Sahu

Published: 28 Jan 2021, 01:08 PM IST

दुर्ग. दुर्ग तहसील से अलग कर नवगठित भिलाई तीन तहसील में शामिल किए गए जिला मुख्यालय से लगे 14 ग्राम पंचायतों ने एक फिर दुर्ग तहसील में वापस शामिल करने की मांग उठाई है। इसके लिए उक्त पंचायतों के सरपंचों ने एक साथ कलेक्टर को पत्र लिखा है। सरपंचों का कहना है कि भिलाई तीन तहसील के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अहिवारा को नई तहसील बनाने की घोषणा की है। इसके लिए फिर से सीमाओं का निर्धारण किया जाएगा। ऐसे में उन्हें पुन: भिलाई तीन से हटाकर अहिवारा भेजा जा सकता है। किसानों ने कहा है कि उन्हें अहिवारा के बजाए पुराने दुर्ग तहसील में शामिल किया जाना चाहिए।

जिला मुख्यालय से लगे चिखली, कुटेलाभाठा, खपरी, सिरसाखुर्द, भटगांव, जेवरा, समोदा, कचांदूर, ढौर, खेदामारा, बासिन, करंजा-भिलाई, झेंझरी, अरसनारा, रवेलीडीह, बोड़ेगांव व ननकट्टी सहित 17 गांवों को दुर्ग से हटाकर नवगठित भिलाई-3 तहसील में शामिल कर दिया गया है। इन गांवों के सरपंच व जनप्रतिनिधि इससे नाराज है। नाराज सरपंच और जनप्रतिनिधियों ने भिलाई 3 में शामिल किए जाने के दौरान भी मंत्री व क्षेत्रीय विधायक मंत्री गुरू रूद्र कुमार से मिलकर विरोध दर्ज कराया था। इसके अलावा भिलाई 3 तहसील में शामिल किए जाने से होनी वाली परेशानियों की जानकारी दी थी। इसके बाद भी उक्त गांवों को भिलाई 3 तहसील में शामिल कर दिया गया।

12 की जगह 55 किमी. की दूरी
उक्त 17 पंचायतों को पूर्व राजस्व संबंधी समस्या पर महज 12 किमी दूर जिला मुख्यालय स्थिति तहसील व अनुविभागीय कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन भिलाई-3 तहसील में शामिल किए जाने से तहसील कार्यालय के लिए 30 से 35 और अनुविभागीय कार्यालय के लिए 50 से 55 किमी दूर पाटन जाना पड़ रहा है।

सुविधा की जगह बढ़ी परेशानी
सरपंचों व ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को नामांतरण, बंटवारा, फौती जसे कामों को लिए तहसील व अनुविभागीय कार्यालय जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण अब इन गांवों को लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि तहसील का विभाजन लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर करने का प्रावधान है।

सीमा का निर्धारण अव्यवहारिक
ग्रामीणों का कहना है कि धान की ख्रीदी-बिक्री के पंजीयन, जमीन के डायवर्सन व स्कूली बच्चों के लिए आय व जाति प्रमाण पत्र सहित जरूरी दस्तावेजों के लिए तहसील मुख्यालय बार-बार जाने की जरूरत पड़ती है। बच्चों के लिहाज से यह दूरी काफी ज्यादा है। इस तरह तहसील का सीमा निर्धारण पूरी तरह अव्यवहारिक है।

सीएम ने जामुल को नई तहसील की घोषणा
पिछले दिनों सीएम भूपेश बघेल जामुल के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए धमधा ब्लाक में नई तहसील अहिवारा के गठन की घोषणा की है। इसके बाद अब फिर से तहसीलों की सीमाओं का निर्धारण किया जाएगा। इसे देखते हुए अब ग्रामीण फिर से दुर्ग तहसील में शामिल करने की मांग उठा रहे हैं।

Show More
Dakshi Sahu Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned