Clean India Mission: टायलेट बनाने में सरपंच ऐसे हुए कर्जदार कि मुंह छिपाना पड़ रहा

Clean India Mission: टायलेट बनाने में सरपंच ऐसे हुए कर्जदार कि मुंह छिपाना पड़ रहा

Satyanarayan Shukla | Publish: Dec, 08 2017 10:44:45 AM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

नवागढ़ ब्लॉक के गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। स्थिति यह है कि उधार देने वाले सरपंच की तलाश कर रहे हैं।

बेमेतरा/नवागढ़. नवागढ़ ब्लॉक के गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। सरपंच व सचिवों की बैठक लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि शौचालय निर्माण का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें। भुगतान संकट नहीं होगी पर स्थिति ठीक विपरीत है। बाजार से रेत, गिट्टी, सीमेंट, सरिया, चूना पेंट, दरवाजा उधार लेकर सरपंचों ने शौचालय निर्माण करया। फोटो सेशन हुआ। महीनों बाद स्थिति यह है कि सामग्री उधार देने वाले अब सरपंच की तलाश कर रहे हैं।

अब 26 जनवरी डेडलाइन

नवागढ़ ब्लॉक में 84 ग्राम पंचायतों के सरपंच परेशान हैं। पहले सरपंचों को कहा गया कि 15 अगस्त तक हर हाल में काम हो जाना चाहिए। बाद में विभाग को समझ आया कि बेरला का दाग साफ नहीं हुआ, यही होगा तो बदनामी होगी। अब 26 जनवरी को डेडलाइन माना जा रहा है। इसके साथ बढऩे वाले अधिकारियों के दबाव से अब सरपंचों की फिर से हालत खराब होने लगी है।

कलक्टर से लगाई संकट से उबारने की गुहार
नवागढ़ जनपद पंचायत के रिकॉर्ड को सही मानें तो 9571 शौचालय का 9 करोड़ 57 लाख 10 हजार रुपए का भुगतान बाकी है। दो दिन पहले ग्राम पंचायत नेवसा के सरंच किशन धुर्वे, ठेंगाभाट सरपंच नरसिंह साहू, गोपालभैना सरपंच मिथलेश बिसेन, तोरा सरपंच रूपलाल, मानिकपुर सरपंच सीमा ठाकुर, धनोरा सरपंच मानस कोसले, भीमपुरी सरपंच सुधेश श्रीवास्तव सहित लगभग 20 सरपंच कलक्टर कार्यालय व जिला पंचायत जाकर भुगतान संकट की जानकारी देकर आए हैं। इन सरपंचों ने कहा कि 10 से 15 लाख का बाजार में कर्ज हो गया है। मोबाइल बंदकर मुंह में गमछा लपेटकर आ-जा रहे हैं। मजदूर भी हमें पूछते हैं कि सरपंच कब तक इंतजार करना पड़ेगा।

ग्रामीण पूछ रहे-हमने क्या बिगाड़ा है
नवागढ़ ब्लॉक में ग्राम पंचायत गोपाल भैना व आश्रित ग्राम रिसाअमली का नाम बीपीएल के 2011 के सर्वे सूची में नहीं है। नतीजा यह है कि यहां के लोगों को प्रधानमंत्री आवास व राशन सहित अन्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। अब गांव वाले कह रहे हैं कि शौचालय के लिए मापदंड नहीं था तो इसके लिए क्यों? वास्तविक गरीबों को वंचित करने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए।

आज ही डेढ़ करोड़ जारी कर रहे
जिला पंचायत बेमेतरा के सीईओ एस आलोक ने बताया कि ग्राम पंचायतों ने कितना निर्माण पूर्ण किया यह नहीं, कितने का जीओ टेग हुआ इस आधार पर भुगतान होना है। जब तक जरूरी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होगी, तब तक भुगतान में देरी होगी। सभी व्यवस्था पारदर्शी है। आज ही डेढ़ करोड़ की राशि जारी कर रहे हैं।

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