बहुचर्चित ट्रेन हाईजेक प्रकरण: गाड़ी को लूटने वालों के खिलाफ मालिक ने नहीं लिखाई रिपोर्ट, पढि़ए पूरी खबर

बहुचर्चित ट्रेन हाईजेक प्रकरण: गाड़ी को लूटने वालों के खिलाफ मालिक ने नहीं लिखाई रिपोर्ट, पढि़ए पूरी खबर

Satyanarayan Shukla | Publish: Mar, 14 2018 10:57:13 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

बचाव पक्ष का कहना था कि पुलिस ट्रेन हाईजेक से पहले जिस कार को लूटना बता रही है, उसकी शिकायत थाने में करने वाला कार मालिक नहीं है।

दुर्ग . बहुचर्चित ट्रेन हाईजेक प्रकरण की सुनवाई के पुलिस विवेचना की खामी को बचाव पक्ष ने मुद्दा बनाया। बचाव पक्ष का कहना था कि पुलिस ट्रेन हाईजेक से पहले जिस कार को लूटना बता रही है, उसकी शिकायत कुम्हारी थाने में करने वाला केशव राव कार मालिक नहीं है।

पुलिस को यह तक पता नहीं कि कार किस व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है

बुधवार को स्पेशल कोर्ट के जज मंसूर अहमद के सामने बचाव पक्ष के अधिवक्ता शब्बीर अहमद अंसारी ने लूट की धारा को लेकर बहस की। बचाव पक्ष ने साक्ष्य दिखाते कहा कि कार केशव राव की नहीं कार फारुख नाम के व्यक्ति की है। कार अगर केशव राव ने फारुख से खरीदी थी तो पुलिस को फारुख से शपथ पत्र लेना था कि वास्तव में उसने कार घटना के छह माह पहले बेच दी है। कार मालिक से बिना कथन लिए यह प्रमाणित नहीं होता कि उसकी कार वास्तव में लूटी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस को यह तक पता नहीं कि कार किस व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है।

फरवरी 2013 को हुआ ट्रेन हाईजेक केस
बिलासपुर जेल से गैंगस्टर उपेन्द्र सिंह उर्फ कबरा को गवाही सुनवाई में दुर्ग जिला न्यायालय लाया गया था। उपेन्द्र पुलिस की अभिरक्षा में था। उपेन्द्र को छुड़ाने के लिए गैंगस्टर के पुत्र प्रीतम ने साजिश रचकर दुर्ग-रायगढ़ चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस को हाईजेक किया था। ट्रेन हाईजेक के बाद आरोपी कुम्हारी के निकट उपेन्द्र सिंह को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर भगा ले गए। इस दौरान आरोपियों ने एक लाल रंग की कार को भी लूटा।

प्रकरण में नौ आरोपी गिरफ्तार
ट्रेन हाईजेक मामले में पुलिस ने कुल ११ आरोपी के नाम से एफआईआर है। ९ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार की, वहीं दो आरोपी अब तक फरार है। ट्रेन हाई जेक करने पर रेलवे की एक्ट की धारा के अलावा इस प्रकरण में हत्या का प्रयास, पुलिस अभिरक्षा से आरोपी को भगाने की धारा भी लगाया गया है।

हत्या का प्रयास की धारा पर बहस

इस प्रकरण पर सुनवाई लास्ट स्टेज पर है। विशेष लोक अभियोजक ने लगातार दो दिनों तक बहस की। इसके बाद अब बचाव पक्ष के अधिवक्ता बहस कर रहे हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अब हत्या के प्रयास की धारा पर बहस करेंगे। सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी।

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