22 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले यश ड्रीम रीयल स्टेट चिटफंड कंपनी के दो डायरेक्टर गिरफ्तार, 7 साल से फरार थे भाई-बहन

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अमित श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, नीता श्रीवास्तव, रिया श्रीवास्तव, दीपक सिंगारे, सिन्धु सिंगारे तथा पूजा टंडन को वर्ष 2015 में गिरफ्तार कर लिया गया था।

By: Dakshi Sahu

Published: 16 Aug 2021, 11:32 AM IST

भिलाई. यश ड्रीम रीयल स्टेट चिटफंड कंपनी (Yash Dream Real Estate Chit Fund Company ) के फरार दो डायरेक्टर अनुराग श्रीवास्तव और इसकी बहन अमृता श्रीवास्तव को पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार किया है। 22 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी दोनों भाई बहन ने ने कंपनी की 17 एकड़ जमीन को अपने नाम स्थानांतरित करा लिया था। दोनों सात साल से फरार थे। इस मामले में एक फरार आरोपी राहुल दुबे की पुलिस तलाश कर रही है। वर्ष 2015 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव समेत 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कंपनी के पास कुल संपत्ति का आंकलन किया गया, जो लगभग 26.713 एकड जमीन, बैंक मे लगभग छ: लाख रुपए, मकान, कार की संपत्ति यश ड्रीम रियल स्टेट कंपनी लिमिटेड में और उसके डायरेक्टरों के नाम पर पाया गया है।

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दो आरोपियों को पकडऩे में सफलता मिली
एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि एसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर चिटफंड कंपनियों के फरार आरोपियों की धरपकड़ और कंपनियों के जब्त संपत्ति की कुर्की प्रक्रिया पूर्ण कर ठगी के शिकार निवेशकों को उनकी रकम दिलवाने के अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2015 में नगपुरा निवासी हेमंत कुमार साहू की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 409, 120 बी, 34, इनामी चीटफं ड की धारा 3, 4, 5, 6 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 10 एवं आरबीआई एक्ट की धारा 4,5 पंजीबद्ध किया गया था। भिलाई नगर सीएसपी राकेश जोशी के मार्गदर्शन में टीआई सुरेश ध्रुव ने बहुचर्चित यश ड्रीम रीयल स्टेट कंपनी लिमिटेड नेहरु नगर के मामले में सात साल से फरार आरोपी अनुराग श्रीवास्तव और उसकी बहन अमृता श्रीवास्तव को कुसुम विला तेलीबांधा रायपुर में उसके घर से गिरफ्तार किया। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अमित श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, नीता श्रीवास्तव, रिया श्रीवास्तव, दीपक सिंगारे, सिन्धु सिंगारे तथा पूजा टंडन को वर्ष 2015 में गिरफ्तार कर लिया गया था। तीन आरोपियो की गिरफ्तारी शेष थी। जिसमें से दो आरोपियों को पकडऩे में सफ लता मिली।

पुलिस ने बताया कि कंपनी का फैलाव 4 राज्यों मे किया गया था। सभी जगह भारी मात्रा मे रकम निवेश कराए गए थे। कई तरह के लुभावने बादे, झांसे और आरबीआई के नियमों से परे हटकर अधिक ब्याज देने कम समय में रकम दोगुना करने, लुभावने इनामी स्कीम का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी कर पैसा अर्जित करते रहे थे। टीआई सुरेश ध्रुव ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव पहले एक निजि कंपनी में काम करता था। फिर 4 जून 2008 को ग्वालियर से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद नेहरु नगर प्रियदर्शनी परिसर में अपने भाई नितिन श्रीवास्तव और दोनों भाइयों की पत्नी नीता व रिया श्रीवास्तव और दीपक सिंगारे, सिन्धु सिंगारे और पूजा टंडन के साथ मिलकर चिटफंड कंपनी खोल लिया।

करीब 2695 लोगों से ठगे 21 करोड़ 86 लाख 34 हजार 16 रुपए
ठगों ने छत्तीसगढ़ के भोले भाले लोगों को इनामी स्कीम योजना बताकर छल करते हुए बांड पेपर देकर ठगना शुरु किया। करीब 2695 लोगों से 6417 बैंक एकाउंट में 21 करोड़ 86 लाख 34 हजार 16 रुपए निवेश कराने के बाद रकम लेकर फरार हो गए। धोखाधड़ी की रकम से कंपनी के डायरेक्टरों ने संपत्ति को संपरिवर्तित करते हुए रकम को रियल स्टेट में व्यय कर जमीन, मकान में निवेश कर दिया। उस संपत्ति को निजी बनाते हुए कुछ संपत्ति को मां शारदा डेवलपर्स फर्जी कंपनी के नाम पर स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद अपने साले अनुराग श्रीवास्तव, साली अमृता श्रीवास्तव और राहुल दुबे के नाम से तैयार कर संपत्ति को स्थानांतरण कर दिया गया। कंपनी के छोटे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नाम से एक फ र्म महाकालेश्वर बना कर अवैध रुप से कमाई रकम को बचाने का प्रयास किया।

दोनों सात साल से फरार थे
यश ड्रीम रियल स्टेट कंपनी की संपत्ति में से मां शारदा डेवलपर्स फ र्म में साले अनुराग श्रीवास्तव और साली अमृता श्रीवास्तब के नाम पर 17.099 एकड जमीन कूटरचित करते हुए निजी संपत्ति तैयार किया। उक्त फ र्म के डायरेक्टर राहुल दुबे व फर्म के सदस्य अनुराग श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव द्वारा यश ड्रीम रीयल सीट के 17 एकड़ जमीन को अपने नाम करा लिया। दुर्ग एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि करोड़ों रुपए ठगी कर फरार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर आरोपी भाई बहन को रायपुर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों सात साल से फरार थे। इस मामले में एक और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मौके पर कंपनी से संबंधित दस्तावेजों की जप्त कर लिया गया है।

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