कोरोना संकट में जन्मा दो सिर वाला बच्चा पर सीने से लगाने के पहले मां-बाप पर टूट गया दु:खों का पहाड़

दो सिर वाले बच्चे को लेकर हुआ ऑपरेशन डॉक्टरों के लिए भी काफी मुश्किल था, लेकिन डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ से महिला की जान बचा ली। (Durg District hospital)

By: Dakshi Sahu

Updated: 23 Apr 2020, 04:53 PM IST

दुर्ग. जिला अस्पताल (Durg district hospital) में बुधवार को एक महिला ने दो सिर वाला मृत बच्चे को जन्म दिया। ग्राम आमटी निवासी डामिन यादव का यह दूसरा प्रसव था। पहली बार गर्भवती हुई तब भी उसे मातृत्व सुख नहीं मिला था। तब कुछ माह बाद अचानक गर्भपात हो गया था। इस बार महिला समेत पूरा परिवार नए मेहमान के स्वागत को लेकर उत्साहित था लेकिन किस्मत में ऐसा नहीं था। बच्चे को देखकर महिला की आंखे भर आई। निम्न मध्यम वर्गीय परिवार की महिला, पति हरि यादव विकृति वाले बच्चे को कलेजे से लगाकर रो भी न सकी।

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डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था गर्भ में है दो सिर वाला बच्चा
महिला का प्राथमिक जांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम में चल रहा था। डॉक्टरों ने दो माह बाद सोनोग्राफी कराने की सलाह दी थी, लेकिन उसने पांच माह में जिला अस्पताल पहुंचकर सोनोग्राफी कराई। इस दौरान ही खुलासा हुआ कि गर्भ में पल रहे बच्चे का शरीर तो एक है लेकिन सिर दो है। तब डॉक्टरों ने उसे गर्भपात कराने की भी सलाह दी थी।

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प्रसव पीड़ा के बाद आई जिला अस्पताल
बताया जाता है कि बच्च 7 माह का था। सुबह 7 बजे प्रसव पीड़ा होने पर उसे मितानीन नीता साहू ने जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉ. बीआर साहू ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया और गर्भ में पल रहे मृत बच्चे को निकाला। सही समय पर ऑपरेशन कर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला की जान बचा ली। दो सिर वाले बच्चे को लेकर हुआ ऑपरेशन डॉक्टरों के लिए भी काफी मुश्किल था, लेकिन डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ से महिला की जान बचा ली।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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