जज को ऐसा क्यों कहना पड़ा कि सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें, पढ़ें खबर

जज को ऐसा क्यों कहना पड़ा कि सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें, पढ़ें खबर

Satya Narayan Shukla | Publish: Sep, 04 2018 08:26:40 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के एक मामले की जांच करने वाले सब इंस्पेक्टर आरएस राजपूत के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

दुर्ग@Patrika. नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के एक मामले की जांच करने वाले सब इंस्पेक्टर आरएस राजपूत के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। सब इंस्पेक्टर लंबे समय से नदारत है। बार-बार संमस जारी करने के बाद भी उपस्थित नहीं होने पर न्यायाधीश हरीश कुमार अवस्थी ने पाटन थाना के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते सुनवाई के लिए 19 सिंतबर का दिन निर्धारित किया है।

भी जानकारी नहीं है कि वर्तमान में सब इंस्पेक्टर किस थाना में पदस्थ हैं
@Patrika प्रकरण के मुताबिक न्यायालय ने इसके पहले सब इंस्पेक्टर के खिलाफ जमानती और बाद में गैर जमानती वारंट जारी किया था। वारंट तामिल नहीं होने पर न्यायालय ने इसे गंभीरता से लिया और पाटन पुलिस को निर्देश दिया है कि बयान के लिए अब सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर न्यायालय लाया जाए। खास बात यह है कि वारंट तामिल नहीं होने से न्यायालय को इस बात की भी जानकारी नहीं है कि वर्तमान में सब इंस्पेक्टर किस थाना में पदस्थ हैं।

2015 में पाटन थाना में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म की शिकायत
@Patrika अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि वर्ष 2015 में पाटन थाना में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म की शिकायत हुई थी। पाटन पुलिस ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत एफआईआर कर जांच शुरू की। जांच सब इंस्पेक्टर आरएस राजपूत ने पूरी की और गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

बयान और प्रतिपरीक्षण होने के बाद अंतिम तर्क करने में हो रहा विलंब
लोक अभियोजक का कहना है कि इस प्रकरण में पुलिस द्वारा बनाए गए गवाहों और पीडि़ता का बयान न्यायालय दर्ज कर चुकी है। विवेचना अधिकारी का बयान और प्रतिपरीक्षण होने के बाद अंतिम तर्क प्रस्तुत करना है। विवेचना अधिकारी के उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई में देरी हो रही है। @Patrika

 

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