scriptWater Crisis: जल जीवन का काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार गायब, 2 साल से पानी का इंतजार कर रहे यहां के लोग | Water Crisis in Chhattisgarh | Patrika News
भिलाई

Water Crisis: जल जीवन का काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार गायब, 2 साल से पानी का इंतजार कर रहे यहां के लोग

Water Crisis: इसके अलावा अधिकतर गांव ऐसे हैं जहां कलेेक्शन के नाम पर नल का पोस्ट तो तैयार कर दिया गया है, लेकिन पानी की सप्लाई अब भी शुरू नहीं हो पाई है।

भिलाईJun 26, 2024 / 01:16 pm

Shrishti Singh

Water Crisis

Water Crisis: दुर्ग में जल जीवन मिशन के कार्यों का बुरा हाल है। ठेकेदार या तो काम आधा-अधूरा छोड़कर गायब हो गए हैं अथवा जहां निर्माण पूरा हो गया है वहां भी लोगों को इससे पानी नहीं मिल रहा है। ऐसा ही उदाहरण जिला मुयालय से लगे ग्राम पंचायत नगपुरा में सामने आया है। यहां भी ठेकेदार काम आधा-अधूरा छोड़कर गायब हो गया है। दो साल बाद भी काम अधूरा है। लिहाजा ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। खास बात यह है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

नगपुरा में जल जीवन मिशन के हर घर जल प्रदाय योजना के तहत 8 अप्रैल 2022 को रेट्रोफिटिंग यानी पुरानी जल प्रदाय योजना को अपग्रेड करने 1 करोड़ 83 लाख 67 हजार रुपए की मंजूरी दी गई है। इस राशि से 893 एफएचटीसी यानी नल पोस्ट बनाने के साथ 4 हजार 173 मीटर पाइपलाइन बिछाया जाना है। इसके अलावा 120 केएल की ओवरहेड टंकी का निर्माण कर हर घर पेयजल सप्लाई कराया जाना है।

नगपुरा के पूर्व पंच बलराम कौशिक ने बताया कि ठेकेदार ने यहां काम तो शुरू किया, लेकिन आधा-अधूरा छोड़ दिया है। ओवरहेड टंकी का ढांचा आधा-अधूरा खड़ा है, वहीं अधिकतर इलाकों में पाइपलाइन का काम नहीं किया गया है। इसकी जगह ठेकेदार ने गलियों में जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिया है। क्लोरीनेटर का पता ही नहीं है। इधर कई महीनों से काम बंद है, लेकिन संबंधित अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

पूरी गर्मी झेलना पड़ा पेयजल संकट

पूर्व पंच बलराम कौशिक ने बताया कि यह कार्य एक साल के भीतर पूर्ण कर लिया जाना था, लेकिन दो साल बाद भी अधूरा है। इधर सड़क की खुदाई के कारण अधिकतर समय पाइपलाइन क्षतिग्रस्त रहा। इसके चलते इस बार पूरी गर्मी गांव के लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। अभी भी गांव के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।

Water Crisis: जहां कनेक्शन वहां भी नहीं पानी

प्रशासनिक महकमे के मुताबिक जिले के 385 गांवों में से लगभग सभी गांवों में योजना के तहत काम कराए जा रहे हैं और इनमें से 55 गांवों में काम पूरा हो चुका है। वहीं 20 गांवों में हर घर पानी सप्लाई का सर्टिफिकेशन भी कर लिया गया है। इसके अलावा अधिकतर गांव ऐसे हैं जहां कलेेक्शन के नाम पर नल का पोस्ट तो तैयार कर दिया गया है, लेकिन पानी की सप्लाई अब भी शुरू नहीं हो पाई है।

अधिकारी ही नहीं दे रहे ध्यान

कौशिक ने बताया कि गांव में पेयजल संकट की स्थिति की जानकारी देकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान लगातार आकृष्ट कराया जा रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसकी शिकायत कलेक्टर से भी की गई है। कलेक्टर से अधिकारी और संबंधित ठेकेदार को तत्काल कार्य पूर्ण करने के निर्देश देने की मांग की गई है, लेकिन इस पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।

Water Crisis: 87 फीसदी घरों में कनेक्शन

मिशन के तहत ग्रुप प्रोजेक्ट के अलावा एक विलेज योजना व रेट्रोफिटिंग के भी काम कराए जा रहे हैं। इन तमाम कामों से अब तक महज 1 लाख 20 हजार 134 नल कनेक्शन ही दे पाए हैं। इनमें से अधिकतर कनेक्शन भी रेट्रोफिटिंग वाले प्रोजेक्ट के हैं। मिशन के पहले के 15 हजार 702 नल कनेक्शनों को मिला तो इस समय ग्रामीण क्षेत्र के केवल 1 लाख 35 हजार 836 यानी 87 फीसदी घरों को नल का कनेक्शन दे पाए हैं।

Hindi News/ Bhilai / Water Crisis: जल जीवन का काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार गायब, 2 साल से पानी का इंतजार कर रहे यहां के लोग

ट्रेंडिंग वीडियो