काम से किया बाहर, सड़क पर उतरे मजदूर, कंपनी ने सप्ताहभर में किया वादा अंतिम भुगतान देने का

राज्य सरकार की ओर से चांवल दिया.

By: Abdul Salam

Published: 21 May 2020, 12:29 AM IST

भिलाई. औद्योगिक क्षेत्र, श्रमिक नगर में मौजूद ग्रेज्युएट एग्रो एण्ड मैकेनिकल इंजीनियर्स कंपनी ने लॉकडाउन के बाद फिर से काम शुरू कर दिया है। लॉकडाउन से पहले कंपनी में करीब 200 मजदूर काम करते थे। प्रबंधन ने इनमें से महज 15 या 20 लोगों को ही काम पर बुलाया है। इसके बाद ही तमाम मजदूरों ने कंपनी गेट के सामने आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे नौकरी में वापस रखने, लॉकडाउन के दौरान का वेतन देने की मांग कर रहे थे। इस पर कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों से चर्चा कर रहा कि वह पूरे मजदूरों को काम पर नहीं रखना चाहते। तब मजदूरों ने मांग किया कि अंतिम भुगतान कर दिया जाए। इस पर कंपनी प्रबंधन तैयार हो गया है। जैसे-जैसे कंपनियों में मजदूरों की छटनी होगी, वैसे-वैसे लॉकडाउन के दौरान कर्मियों को कंपनी ने वेतन दिया है या नहीं वह साफ होता जाएगा।

23 मार्च के बाद से मजदूरों के हाथ हैं खाली
कंपनी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि वे 23 मार्च 2020 के बाद से खाली बैठे हैं। कंपनी की ओर से तब से उनको कोई मदद नहीं दी गई है। हर मजदूर के घर में कम से कम 4 से 6 सदस्य हैं। बिना वेतन के दो माह तक घर चलाना संभव नहीं। राज्य सरकार की ओर से चांवल दिया गया। इसके अलावा जो अन्य सामान चाहिए, उसके लिए पैसा नहीं था। तब घर कैसे चलता।

20 से कंपनी ने काम करना किया शुरू
मजदूरों ने बताया कि 20 मई 2020 से कंपनी में उत्पादन शुरू हुआ। प्रबंधन की ओर से 15 या 20 मजदूरों को बुलाया गया। कंपनी में करीब 200 मजदूर काम करते हैं। शेष के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। कंपनी के मालिक से मिलने के लिए कुछ मजदूर गए, तो उनसे कहा गया कि काम अधिक नहीं है। इस वजह से इतने मजदूर रख पाना मुश्किल है। वेतन मांगने पर कहा कि ऐसा कोई आदेश ऊपर से नहीं आया है कि लॉकडाउन का वेतन देना है।

19 को सड़क पर उतरे
मजदूरों के हाथ और पेट दोनों खाली हो गए, तब कंपनी के सामने वे प्रदर्शन करने 19 मई 2020 को पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन काम से छटनी कर रहा है। अचानक काम से निकाल दिया जाएगा, तो वे कहां जाएंगे। लॉकडाउन का वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन का मजदूरों को वेतन मिलेगा।

7 दिनों में अंतिम भुगतान
मजदूरों की ओर से फिर एक प्रतिनिधि मंडल को कंपनी के संचालक ने बुलाया। इसके बाद उनसे कहा कि जिन मजदूरों को काम से हटाया जा रहा है। प्रबंधन उनको अंतिम भुगतान, बोनस तमाम रकम देगी। इस दौरान भी कंपनी संचालक ने लॉकडाउन के वेतन के संबंध में कुछ साफ नहीं कहा। यह जरूर कहा कि 7 दिनों के भीतर अंतिम भुगतान कर दिया जाएगा। अब कंपनी के मजदूर 7 दिन होने का इंतजार कर रहे हैं।

Abdul Salam Reporting
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