60 करोड़ नहीं मिले तो सरकार से नाराज 25 हजार निवेशक

60 करोड़ नहीं मिले तो सरकार से नाराज 25 हजार निवेशक

Suresh Jain | Publish: Sep, 02 2018 09:03:17 PM (IST) Bhilwara, Rajasthan, India

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

भीलवाड़ा ।


वित्तिय अनियमितताओं के बाद चर्चा में आए भीलवाड़ा महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ताओं को ६० करोड़ रुपए मिलने के अरमान आसूओं में बह गए है। २५ हजार खाताधारकों को कब राशि मिलेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ऐसे में खाताधारकों की नाराजगी सरकार पर भारी पड़ सकती है। २० साल पुराने बैंक का लाइसेन्स भारतीय रिर्जव बैंक मुम्बई ने २३ अगस्त को ही निरस्त कर दिया था। इसकी क्रियान्विति ३१ अगस्त को आरबीआई ने करते हुए नोटिस थमाकर कर दी। आरबीआई ने रजिस्ट्रार को लिक्विडेटर लगाने के आदेश भी दिए। शनिवार को रजिस्ट्रार ने कोई आदेश जारी नहीं किए। रविवार व सोमवार को अवकाश होने से अब मंगलवार को ही निर्देश जारी होंगे। बैंक का लाइसेन्स निरस्त होने के सामाचार मिलते ही खाताधारक बैंक में पहुंचने लगे तथा गाढ़े कमाई की जमा पूंजी कब मिलेगी के सवाल बैंक प्रबन्धक मदनलाल शर्मा से करने लगे। दिनभर सैकड़ों लोग बैंक पहुंचे। सभी को एक ही जवाब मिला की आगे क्या निर्देश मिलते है। उसके बाद ही कोई निर्णय होगा। कई महिलाए एफडी लेकर बैंक पहुंची। शर्मा के सामने ने उनकी आंखों से अश्रु की धारा बह निकली। शर्मा आरबीआई के आदेश के आगे बेबस नजर आए।

 

सबसे बड़ा खतरा-शेयर धारकों को नहीं मिलेगा पैसा
बैंक का लाइसेन्स निरस्त होने के साथ ही इस बैंक के शेयर की कीमत शून्य हो गई है। इससे सबसे बड़ा खतरा शेयर धारको है। उन्हें शेयर पूंजी नहीं मिलेगी। बैंक के ४.४५ करोड़ के शेयर बाजार में है। नियमानुसार शेयर का मूल्य शून्य हो गया है। अब सभी खाता धारकों को राशि चुकाने के बाद शेष राशि बचती है तो वह शेयर धारकों को मिलेगी। आरबीआई चाहे तो शेयरधारकों से राशि भी वसूल कर सकती है।

 

यू जानिए कैसे हुआ बैंक का लाइसेन्स निरस्त
आरबीआई ने बैंक में हुए अनियमितताओं के अलावा कई बिन्दुओं के आधार पर लाइसेन्स को निरस्त किया है। इसमें मुख्य कारण है बैंक का ४९ करोड़ रुपए एनपीए होना। जिसकी वसूली करना असंभव है। बैंक को एसएलआर मेनटेन करने के लिए सवा तीन करोड़ रुपए की जरूरत यानी १७ प्रतिशत राशि कम थी। बैंक के ७२८३ ऐसे खाताधारक है जिनकी केवाईसी नहीं है। बैंक को मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया। बैंक चलाने के लिए वर्ष २०१७ में एक साल का समय मागा था। इस दौरान बैंक को कैसे चलाया जाएगा कि योजना बनाकर आरबीआई को नहीं दी। बैंक के पास २४ हजार १९९ खाताधारकों को राशि लौटाने के लिए पूंजी तक नही थी।

 

बैंक के पास था ४० दिन का समय
आरबीआई ने बैंक संचालन के लिए तीन माह का समय ९ अक्टूबर तक का दिया था। ४० दिन शेष रहते आरबीआई ने लाइसेन्स निरस्त कर दिया। जो बैंक कर्मचारियों के साथ संचालक मण्डल भी यह नहीं समझ पाया कि आखिर बैंक से ऐसी क्या गलती हुए जो अन्तिम तारीख का भी इन्तजार नहीं किया। बैंक कर्मचारियों का मानना है कि इसके पीछे बैंक में अनियमितताएं करने वाला का हाथ है। उधर एसओजी ने शनिवार को ही बैंक को चार नोटिस देकर फर्जी ऋण फाइलों के दस्तावेज पेश करने को कहा है।

 

सख्ती से करेंगे ऋण वसूली
लाइसेन्स निरस्त होने के बाद लोग दिनभर जमा राशि की जानकारी लेने के लिए बैंक आते रहे। लिक्विडेटर लगाने की कोई सूचना नहीं मिली है। बकाया ऋण वसूली के लिए सख्त से कार्रवाई की जाएगी। ताकि लोगों को उनकी जमा पूंजी मिल सके।
मदनलाल शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी भीलवाड़ा महिला अरबन को-आपरेटिव बैंक

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned