मनरेगा में प्रदेश में 6.33 लाख कार्य अधूरे

योजना शुरू होने से अब तक का लेखाजोखा

By: Suresh Jain

Published: 22 Nov 2020, 10:52 AM IST

भीलवाड़ा।
मनरेगा योजना में प्रदेश भर में करोड़ों रुपए की स्वीकृति प्राप्त ६.३३ लाख से अधिक काम अधूरे पड़े हैं। वजह इनके प्रति ढिलाई है। इसे ईजीएस के आयुक्त ने गंभीरता से लिया है।
ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग ने मनरेगा योजना के शुरू होने से लेकर आज तक अरबों रुपए का कार्य शुरू किए लेकिन रफ्तार धीमी होने से हर साल काम पूरे करने की प्रगति गति नहीं पकड़ पा रही है। इसे लेकर 2018-19 व अब तक के सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए लेकिन इन कार्यों को पूर्ण करने की रफ्तार अभी धीमी है। इन कार्यों को चालू वित्त वर्ष की समाप्ति तक हर हाल में पूरा करना है। पंचायतीराज चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद से इन कामों पर मजदूरों की संख्या घट गई है।
भीलवाड़ा में ३९ हजार मजदूर काम कर रहे हैं। प्रदेश में मात्र ९ लाख मजदूर लगे है। अभी पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव हैं। १० दिसम्बर तक जिला प्रमुख के चुनाव हैं। उसके बाद ही शेष कार्यों को डेढ़ माह में पूर्ण होने में संशय है। हालांकि ६.३३ लाख कुल कार्य में इस वित्त वर्ष के कार्य शामिल हैं। जो चुनाव के कारण समय पर नहीं हो पा रहे हैं। पहले सरपंचों व वार्ड पंच के कारण प्रदेश में आचार संहिता लागू थी। अब पंचायत समिति व जिला परिषद के चुनाव को लेकर प्रदेश में आचार संहिता लागू है।
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जिलेवार अधूरे कार्य की स्थिति
अजमेर ९,३२२
अलवर ६,६६९
बांसवाड़ा ७०,२२१
बारां १५,७००
बाड़मेर १,००,७६२
भरतपुर ६,०२४
भीलवाड़ा १८,६८३
बीकानेर १८,०२४
बूंदी १६,३६६
चित्तौडगढ़़ १०,९३८
चूरू ११,२३६
दौसा ३,१३१
धौलपुर ५,५१०
डूंगरपुर ३५,०५०
हनुमानगढ़ ९,८८३
जयपुर ७,२२७
जैसलमेर १३,१६२
जालौर २२,६८९
झालावाड़ २८,१५६
झुंझुनूं ४,०६७
जोधपुर २९,५१८
करौली ११,५१२
कोटा ६,७९७
नागौर १५,४०९
पाली १०,४८२
प्रतापगढ़ २०,२४४
राजसमंद ७,९२२
स. माधोपुर २०८६२
सीकर ४,९६७
सिरोही १०६२३
श्रीगंगानगर ९,२८५
टोंक १६६७२
उदयपुर ५६,५३३
कुल ६,३३,१०६

Suresh Jain Reporting
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