90 फीसदी गिरा सर्दी-जुकाम की दवा व सीरप का कारोबार

बिना पर्ची के दवा बेचने पर सरकार की रोक

By: Suresh Jain

Published: 16 Sep 2020, 12:02 AM IST

भीलवाड़ा।
कोरोना के चलते राज्य सरकार की रोक से सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार की दवा व सीरप (एंटी कोल्ड व एंटी कफ) की बिक्री ९० प्रतिशत तक गिर गई है। दवा स्टोर संचालकों की मानें तो इसकी खपत महज १० प्रतिशत रह गई है। बारिश और सर्दियों के सीजन में इन दवाओं की मासिक खरीद डेढ़ करोड़ रुपए तक चली जाती है, जो अब महज १० से १५ लाख रुपए रह गई है।
प्रदेश में कोविड-19 मरीज लगातार बढ़ रहे है ऐसे में सरकार ने संक्रमितों की पहचान के लिए दवा विक्रेताओं को बिना पर्ची सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार की दवा देने पर पाबंदी लगा दी थी।
डॉक्टरों का मानना है कि सामान्य फ्लू और कोरोना के शुरुआती लक्षण समान हैं। कोरोना के बारे में भ्रांति और संक्रमण की जांच के प्रति लोग झिझक रहे हैं। ऐसे में खांसी, जुकाम, गले में खरास एवं बुखार आदि यानी कोरोना के लक्षण के बाद भी लोग जांच नहीं करवा रहे हैं। ऐसे लोग आस-पास के मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय परामर्श दवा ले रहे हैं।
मेडिकल स्टोर पर दवा लेने वाला का रिकॉर्ड
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को ऐसी दवा लेने वालों की जानकारी रखनी होगी। दवा विक्रेता ऐसे व्यक्ति का नाम-पता और टेलीफोन नंबर लेकर औषधि नियंत्रक अधिकारी या चिकित्सा संस्थान के प्रभारी को तुरंत सूचित करेगा। सभी औषधि नियंत्रक या चिकित्सा संस्थान प्रभारियों को भी प्रतिदिन यह सूचना जिले के सीएमएचओ को देने को कहा गया है ताकि विभागीय टीम से इनकी स्क्रीनिंग और जांच कराई जा सके।
मानसून में बढ़ती है बिक्री
दवा विक्रेता राकेश काबरा ने बताया पेरासिटामोल, एंटी कोल्ड व एंटी कप सीरप की बिक्री आम तौर पर मानसून के दौरान बिक्री बढ़ जाती है। इसकी अधिक बिक्री सर्दी और फ्लू की बीमारी में होती है। सरकार की ओर से रोक लगाने के बाद इसकी खपत मात्र १५ से २० लाख रुपए प्रति माह रह गई है। पहले हर डेढ़ से दो करोड़ की बिक्री होती है। इन दवाओं की मांग जून-जुलाई से शुरू हो जाती है।

Suresh Jain Reporting
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