प्रतिनियुक्ति मिली तो संबंधित अधिकारी पर होगी कार्रवाई

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सचिव ने जारी की चेतावनी

By: Suresh Jain

Published: 01 Mar 2020, 11:33 AM IST

भीलवाड़ा।
Medical and Health Department राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर राज्य में विभाग के अधीन कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियां समाप्त कर दी है। आदेश के अनुसार बिना सचिव की अनुमति के राज्य में कोई भी अधिकारी अपने अधिनस्थों को प्रतिनियुक्ति पर नहीं लगा सकेगा। Medical and Health Department अगर किसी जिले में बिना अनुमति के प्रतिनियुक्ति का कोई भी मामला सामने आता हैं तो प्रतिनियुक्ति आदेश देने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने 4 फरवरी को आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि पूर्व में विभाग ने 7 अगस्त 2019 को प्रदेश के सभी नियंत्रण अधिकारियों को पाबंद किया था। आदेश के अनुसार उनके अधीन प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत सभी कार्मिकों को उनके मूल पद स्थान के लिए तुरंत कार्यमुक्त कर रिपोर्ट 15 अगस्त 2019 तक आवश्यक रूप से निदेशक (जन स्वास्थ्य) को भेजें। इसके बाद प्रदेश के सभी नियंत्रण अधिकारी 31 अगस्त 2019 तक इस बात का प्रमाण-पत्र देंगे कि उनके अधीन कोई भी कर्मचारी या अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर नहीं हैं। अगर इसके बाद भी कही विशेष हालातों में कोई प्रतिनियुक्त की जानी आवश्यक हैं तो उसके लिए 19 अगस्त 2019 तक निर्धारित प्रारूप के प्रपत्र के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भिजवाया जाए।
आदेशों की हो रही अवहेलना
आदेश जारी होने के बाद भी भीलवाड़ा जिले में नियुक्त अधिकारियों ने इन आदेशों की परवाह नहीं की। ऐसे में विभाग को दूसरा आदेश जारी करने से पहले हालात स्पष्ट करने पड़े। हालातों को साफ करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि विभाग के संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभाग के 7 अगस्त 2019 को जारी आदेश की अवहेलना कर अपने स्तर से चिकित्सकों को एक-दूसरे स्थान पर स्थानांतरण कार्य व्यवस्था के तहत लगा रहे हैं। जो राज्यादेशों की अवहेलना है। सरकार के दोनों आदेशों के बावजूद जिले में नियुक्तचिकित्सा विभाग के अधिकारी या तो अपने रसूख साध रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आदेश जारी किया है।
4 फरवरी को जारी किए गए नए
आदेश में कड़क लहजे का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 2019 के बाद राज्य में संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की ओर से किए गए चिकित्सकों, कार्मिकों के एक-दूसरे स्थान पर स्थानांतरण, कार्य व्यवस्था के समस्त आदेश तुरंत प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं। भविष्य में ऐसे प्रकरण ध्यान में आने पर संबंधित नियंत्रण अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उधर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुस्ताक खान का कहना है कि आदेशों की पालना करते हुए प्रतिनियुक्ति पर रहे कार्मिकों को अपने मूल स्थान पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

Suresh Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned