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भीलवाड़ा

आषाढ़ के गुप्त नवरात्र प्रारम्भ, दो तृतीया होने से 10 दिन होंगे व्रत

आषाढ़ गुप्त नवरात्र का व्रत शनिवार से शुरू होगा और 15 जुलाई को समाप्त होंगे।

भीलवाड़ाJul 06, 2024 / 12:43 pm

Suresh Jain

मां दुर्गा, काली व कुलदेवियों की करते हैं पूजा

मां दुर्गा, काली व कुलदेवियों की करते हैं पूजा

भीलवाड़ा आषाढ़ गुप्त नवरात्र का व्रत शनिवार से शुरू होगा और 15 जुलाई को समाप्त होंगे। इस गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा, कुलदेवी समेत अन्य देवियों की गुप्त रूप से पूजा अर्चना की जाती है।
सनातन संस्कृति में नवरात्र का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार, साल में कुल 4 नवरात्र पड़ते है, इसमें चैत्र और शारदीय नवरात्र के अलावा दो गुप्त नवरात्र पौष व आषाढ़ माह में आते है। इन नौ दिनों के दौरान विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए माता रानी की पूजा उपासना व्रत आदि किए जाते हैं। गुप्त नवरात्र में तांत्रिक सिद्धियां भी की जाती है। आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र आरंभ होती है। इस साल तृतीया तिथि दो दिन पड़ रही है। इसलिए आषाढ़ मास गुप्त नवरात्र 10 दिन के होंगे।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा व कुलदेवी के अलावा मां काली और अन्य महाविद्याओं की पूजा का विधान है। इस दौरान साधक किसी विशेष मनोकामना के लिए माता रानी की पूजा उपासना करते हैं। व्यास ने बताया कि कुछ राशि व लग्न इस तरह के होते हैं, जिसमें कुल देवी, दुर्गा माता की पूजा उपासना व व्रत उपवास करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है। अत: वे लोग भी इस समय कुल देवी व दुर्गा माता की पूजा उपासना कर सकते हैं। यह फलदायी साबित होगा।
शुभ मुहूर्त का समय

आषाढ़ गुप्त नवरात्र शुभ मुहूर्त सुबह 7.15 से सुबह 8.55 के बीच शुभ का चौघड़िया रहेगा। उसके उपरांत दोपहर 12 से 12.40 बजे तक श्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस समय के दौरान कलश स्थापना व पूजा आरंभ की जा सकती है।

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