नंदघर योजना से अब नहीं जुड़ रहे भामाशाह

जिंक ने हुरड़ा, शाहपुरा, सुवाणा में सुधारे आंगनबाड़ी केंद्र

भीलवाड़ा।
Nandghar Yojana छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सेहत व बुनियादी शिक्षा की बेहतरी की गरज से शुरू महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत अच्छी नहीं है। केंद्रों में सुविधाएं जुटाने के लिए विभाग की नंदघर योजना में ग्रामीण-भामाशाह रुचि नहीं ले रहे।
Nandghar Yojana भामाशाहों को आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल के लिए गोद देना था। आंगनबाड़ी केंद्र पर सुविधाओं पर सवा लाख रुपए भामाशाहों से खर्च होने थे। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से हुरड़ा, शाहपुरा तथा सुवाणा आंगनबाड़ी केंद्रों पर सीएसआर के तहत आधारभूत सुविधां उपलब्ध कराने के लिए स्वयंसेवी संस्था केयर इण्डिया को कार्य सौंपा था। जिंक के अलावा एक भी भामाशाह अन्य केंद्रों को नंदघर में बदलने को आगे नहीं आया।
यह दी सुविधा
जिंक ने ग्रीन फील्ड के तहत १५ नंदघरों का निर्माण करवाया गया। इन १५ केन्द्रों पर सौर ऊर्जा लाईट की व्यवस्था की गई। शुद्ध पीने के पानी के लिए आरओ लगाए गए। केन्द्रों का रंगरोगन, वाल पेंटिंग करवाई गई। बच्चों के लिए टेबल-कुर्सिया, खिलौने उपलब्ध करवाए गए। ब्राउन फील्ड के तहत १० नंदघरों का रिनोवेशन किया गया। जिनमें अत्याधनिक सुविधाओं के साथ-साथ खिलौने, कुर्सिया, केन्द्रों पर बच्चों को पौशाकें, प्रारम्भिक बाल्यावस्था शिक्षा के लिए शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई गई है।

Suresh Jain Reporting
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