भीलवाड़ा: अब सभापति बनने के लिए सब को मौका

स्वायत्त शासन विभाग के राज्य के १९६ निकायों की आरक्षण लॉटरी रविवार शाम को निकाले जाने के साथ ही भीलवाड़ा जिले में भी भीलवाड़ा नगर परिषद सभापति के साथ ही छह नगर पालिका अध्यक्षों के आरक्षण की तस्वीर बदल गई है। भीलवाड़ा नगर परिषद की सभापति सीट फिर पांच साल बाद सामान्य वर्ग के खाते में आ गई है। जबकि गंगापुर व शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष की सीट ओबीसी वर्ग के नाम हुई है। वहीं जहाजपुर, मांडलगढ़, गुलाबपुरा व आसीन्द नगर पालिका की अध्यक्ष सीट भी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुई है।

नरेन्द्र वर्मा
भीलवाड़ा। स्वायत्त शासन विभाग के राज्य के १९६ निकायों की आरक्षण लॉटरी रविवार शाम को निकाले जाने के साथ ही भीलवाड़ा जिले में भी भीलवाड़ा नगर परिषद सभापति के साथ ही छह नगर पालिका अध्यक्षों के आरक्षण की तस्वीर बदल गई है। भीलवाड़ा नगर परिषद की सभापति सीट फिर पांच साल बाद सामान्य वर्ग के खाते में आ गई है। जबकि गंगापुर व शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष की सीट ओबीसी वर्ग के नाम हुई है। वहीं जहाजपुर, मांडलगढ़, गुलाबपुरा व आसीन्द नगर पालिका की अध्यक्ष सीट भी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। एक दशक पूर्व यानि वर्ष २००९-१० में हुई आरक्षण लॉटरी में भी सभापति सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुई थी, जबकि छह में से चार पालिका के अध्यक्ष पद भी सामान्य वर्ग में गए थे।

लॉटरी से हुए इस बड़े बदलाव के साथ ही राजनीतिक गलियारे में भी सियासी हलचल शुरू हो गई है। लॉटरी से भाजपा व कांग्रेस में राजनैतिक हालात क्या बनेंगे, इस को लेकर अभी चुप्पी है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया व चौराहों पर भी संभावित सभापति व अध्यक्षों के नाम को लेकर भी चर्चाए छिड़ गई है, हालांकि जिले में निकाय चुनाव अगस्त २०२० में प्रस्तावित है।

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भीलवाड़ा नगर परिषद
भीलवाड़ा नगर परिषद की सभापति सीट पांच साल बाद फिर सामान्य वर्ग में शामिल हुर्ई है। वर्ष २०१४ की लॉटरी में ये पद सामान्य से सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। आरक्षण लॉटरी से भीलवाड़ा नगर परिषद की राजनीतिक तस्वीर निकाय चुनाव में बदल जाएगी। परिषद में अभी सभापति की कमान ललिता समदानी संभाले हुए है। भाजपा से निष्कासित समदानी ने हाल ही कांग्रेस का हाथ पकड़ा है।
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शाहपुरा नगर पालिका
शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष का पद लॉटरी में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। वर्ष २००९ में सामान्य तथा वर्ष २०१४ में महिला सामान्य वर्ग के लिए पद आरक्षित हुआ था। यहां अभी अध्यक्ष पद कांग्रेस की किरण तोषनीवाल संभाले हुए है।
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जहाजपुर नगर पालिका
जहाजपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद अब सामान्य हो गया। वर्ष २००९ में सामान्य महिला वर्ग तथा वर्ष २०१४ में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। नगर पालिका में कांग्रेस के विवेक मीणा अध्यक्ष है, मीणा के खिलाफ भाजपा अविश्वास प्रस्ताव पेश कर चुकी है, इस पर दो माह पूर्व मतदान भी हुआ, लेकिन हाईकोर्ट की रोक के कारण मतगणना नहीं हो सकी।
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मांडलगढ़ नगर पालिका
मांडलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद फिर पांच साल बाद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। पालिका अध्यक्ष अभी भाजपा की नंदिनी साहू है। अध्यक्ष का पद वर्ष २०१४ में ओबीसी महिला वर्ग तथा वर्ष २००९ सामान्य वर्ग के लिए आरिक्षत हुआ था।
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गुलाबपुरा नगर पालिका
गुलाबपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। वर्ष २००९ में भी ये पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। जबकि वर्ष २०१४ में ये पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। गुलाबपुरा नगर पालिका अध्यक्ष की कमान अभी भाजपा के धनराज गुर्जर पालिका अध्यक्ष की कमान संभाले है।
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आसीन्द नगर पालिका
आसीन्द नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। वर्ष २००९-१० में भी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। वर्ष २०१४ में ये पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। यहां अभी कांग्रेस की कैलाश देवी खटीक अध्यक्ष है।
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गंगापुर नगर पालिका
गंगापुर नगर पालिका अध्यक्ष का पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। पांच साल पहले २००९-१० में महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था, जबकि वर्ष २०१४ में पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था।अभी पालिका अध्यक्ष कांग्रेस की रेखा चंदेल है। चंदेल को पूर्व में डीएलबी ने ५ मार्च २०१७ को अतिक्रमण के मामले को लेकर निलम्बित कर भाजपा के ओमप्रकाश चंदेल को अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन रेखा हाईकोर्ट के आदेश से पन्द्रह दिन बाद ही पुन: अध्यक्ष पद पर बहाल हुई।
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निकाय चुनाव के प्रति नीरसता
राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय में महापौर,सभापति व अध्यक्ष पदों पर सीधी नियुक्ति की जो व्यवस्था लागू की है, उससे अब निकाय चुनाव को लेकर उत्साह कम हो गया है। जनता के बूते जो चुने जाएंगे, उन्हें क्षेत्र में काम करने का मौका नहीं मिलेगा, इससे जनता का हक ही छीनेगा।
लक्ष्मीनारायण डाड, भाजपा जिलाध्यक्ष
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एक वर्ष बाद होने है चुनाव
राज्य सरकार ने नई सोच के साथ नई व्यवस्था लागू की है, ये जनता की आवाज बनेगी। जिले में आरक्षण की स्थिति लॉटरी के जरिए स्पष्ट हुई है, चुनाव वर्ष २०२० में होना है, यानि अभी एक वर्ष शेष है।
रामपाल शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष

Narendra Kumar Verma
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