पत्रिका ने आवाज उठाई तो भीलवाड़ा यूआईडी सीएम आवास में नहीं कर सकी गड़बड़

Bhilwara UID could not mess with CM residence if the Patrika raised नेहरू विहार मुख्यमंत्री जनआवास योजना का नक्शा बदलने के निर्माण एजेंसी के आवेदन को नगर विकास न्यास ने खारिज कर दिया। निर्माण एजेंसी को अब वर्क आर्डर के दौरान जारी हुए नक्शे के आधार पर ही कॉलोनी में निर्माण कार्य कराना होगा।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 08 Oct 2021, 12:19 PM IST

भीलवाड़ा। नेहरू विहार मुख्यमंत्री जनआवास योजना का नक्शा बदलने के निर्माण एजेंसी के आवेदन को नगर विकास न्यास ने खारिज कर दिया। निर्माण एजेंसी को अब वर्क आर्डर के दौरान जारी हुए नक्शे के आधार पर ही कॉलोनी में निर्माण कार्य कराना होगा। Bhilwara UID could not mess with CM residence if the Patrika raised

राजस्थान पत्रिका ने 12 जुलाई 2021 के अंक में 'अब नेहरू विहार मुख्यमंत्री जन आवास योजना का नक्शा बदलने की तैयारीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर नियम विरूद्ध तरीके से एवं अधिकारियों की सांठगांठ से योजना क्षेत्र का स्वरूप बदलने का खुलासा किया था। इस पर न्यास में खलबली मच गई और योजना क्षेत्र के नक्शे बदलने के लिए गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई के दस्तावेज पत्रावली से हटा दिए गए और कांट छांट की गई।

जिला कलक्टर शिव प्रसाद नकाते ने समूचे मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। नगर विकास न्यास सचिव अजय कुमार आर्य ने विभागीय स्तर पर एक कमेटी गठित कर समूचे मामले की जांच की।

यह था मामला
नगर विकास न्यास ने तिलकनगर में वर्ष 2018 में आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग के लोगों के लिए नेहरू विहार मुख्यमंत्री जन आवास योजना लांच की थी। न्यास ने सबसे कम दर आने पर उदयपुर की एक कंपनी को इसका निर्माण कार्य सौंपा, लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद अभी तक कंपनी द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि जिस दर पर कम्पनी ने निर्माण कार्य लिया है, उस दर में अब निर्माण कार्य करना संभव नहीं है। इसके अलावा कंपनी इस योजना क्षेत्र में न्यास के अधीन मुख्य मार्गों पर अब निर्माण करना चाहती है। इसके लिए नक्शे में बदलाव व योजना को तीन खंड में विभाजित करने का प्रस्ताव रखा था

८१६ आवास बनने है
तिलकनगर में योजना क्षेत्र ३२ हजार मीटर यानि करीब पन्द्रह बीघा में फैला हुआ है। यहां कुल ८१६ आवास गृह का निर्माण किया जाना है, इसमें आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग में ४४८ व अल्प आय वर्ग में ३६८ आवास प्रस्तावित है। योजना क्षेत्र में करीब ६० करोड़ की लागत प्रस्तावित है। निर्माण कार्य पर नजर रखने के लिए एक ले आउट अनुमोदन कमेटी भी गठित की गई, इसमें न्यास सचिव, तहसीलदार, अधीक्षण अभियंता व एटीपी को शामिल किया गया।

नक्शा ही नया मंजूर कर दिया
योजना क्षेत्र के नक्शे में बदलाव को लेकर निर्माण एजेंसी यानि संवेदक ने पत्रावली तत्कालीन न्यास सचिव महिपाल सिंह के सामने पेश की। लेकिन विशेषााधिकारी, एसई व तत्कालीन एटीपी ने योजना क्षेत्र के नक्शे में बदलाव से इनकार कर दिया। उन्होंने आरटीपीपी एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि एक्ट के प्रावधान है कि नक्शा, टेंडर के दस्तावेज का मुख्य हिस्सा है और यह विभागीय साइड पर ऑनलाइन अपलोड हो गया है, उसमें अब बदलाव संभव नहीं है। वैसे भी योजना क्षेत्र में न्यास की जो शर्ते है, उसमें बदलाव की स्थिति में न्यास को ही बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। संबंधित अधिकारियों की मनाही के बावजूद योजना क्षेत्र का नक्शा बदलने की फाइल चली। नक्शे की मंजूरी के लिए लिंक अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई और उन्होंने मूल अधिकारियों के अवकाश पर होने पर गत छह जुलाई को साइन कर नक्शा तक मंजूर कर दिया।

स्वीकृत नक्शे से ही करना होगा निर्माण
नेहरू विहार मुख्यमंत्री जन आवास योजना का कार्य पूर्व में स्वीकृत नक्शे के आधार पर होगा। निर्माण एजेंसी की तरफ से पेश किया गया नक्शा ना मंजूर कर दिया गया। समय पर कार्य शुरू नहीं करने पर अब निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्यवाही होगी और धरोहर राशि की जब्ती तक संभव है।
@ अजय कुमार आर्य, सचिव नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा

Narendra Kumar Verma Reporting
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