भीलवाड़ा यूआईटी की बैंकों पर मेहरबानी

Bhilwara UIT is kind to the banks नगर विकास न्यास में इस बार बैंकों पर मेहरबानी की चर्चा जोरों पर है। न्यास ने जमा पूंजी के मुकाबले 21 बैंक की 20 शाखाओं में खाते खुलवा रखे है, जो कि सर्वाधिक है, इनमें कई बैंक शाखाएं तो ऐसी है, जो कि राष्ट्रीयकृत या जानी-मानी नहीं है, इसके बावजूद इनमें खाते खुलवा कर न्यास उन पर मेहरबानी किए हुए है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 16 Jun 2021, 12:13 PM IST

भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास में इस बार बैंकों पर मेहरबानी की चर्चा जोरों पर है। न्यास ने जमा पूंजी के मुकाबले 21 बैंक की 20 शाखाओं में खाते खुलवा रखे है, जो कि सर्वाधिक है, इनमें कई बैंक शाखाएं तो ऐसी है, जो कि राष्ट्रीयकृत या जानी-मानी नहीं है, इसके बावजूद इनमें खाते खुलवा कर न्यास उन पर मेहरबानी किए हुए है। Bhilwara UIT is kind to the banks

नगर विकास न्यास का सरकारी खजाना सौ करोड़ से घट कर अस्सी से नब्बे करोड़ के बीच आ गया, लेकिन जनता से लेन-देन व राजकीय कोष जमा कराने के लिए न्यास ने कई बैंकों में खाते खुलवा रखे है। यह बैंक खाते एक दो नहीं वरन् 21 है, जिनकी 40 शाखाओं मे खाते खुले हुए है। इनमें कई बैंक तो ऐसे है, जिनकी पहचान भीलवाड़ा शहर में नहीं है, इसके बावजूद उनके खाते है।

सिर्फ पांच बैंकों में बड़ा लेन-देन
न्यास के सोलह बैंक खाते ऐसे है, जिनमें पांच लाख रुपए भी जमा नहीं है। जबकि एक बैंक खाते में तो राशि ही जमा नहीं है। चालीस खातों में से सिर्फ पांच खातों में ही न्यास का बड़ा लेन-देन होता है। जबकि शेष बैंक खातें न्यास के नाम पर चल रहे है।

वेतन पर बड़ा खर्चा
नगर विकास न्यास ने कोरोना संकट काल को देखते हुए फिलहाल नई आवासीय योजना लांच नहीं की है। भूखंडों की नीलामी भी लम्बे समय से बंद है। वही नियमन, लीज आदि से राजस्व भी न के बराबर है। यहां स्टाफ वेतन, विभागीय कार्य व डिजिटलीकरण पर ही सर्वाधिक रुपए खर्च हो रहे है। मौजूदा हालात ये है कि न्यास का खजाना बढऩे के बजाए धीरे धीरे घटता ही जा रहा है। इसके बावजूद बैंक खातों की संख्या बढ़ती जा रही है।

ब्याज का नहीं मिल रहा फायदा

जानकारों का कहना है कि न्यास का पैसा कम बैंकों में रहता तो ब्याज का बड़ा फायदा मिलता, वहीं लोगों का विश्वास भी अधिक रहता है। चालीस खाते अलग-अलग बैंकों में खुलवाने के पीछे, बैंक अधिकारियों के लक्ष्य पूर्ण कराने की मंशा ही सामने आ रही है।

बैंक खातों की होगी समीक्षा

सहायक लेखाधिकारी अनिल शर्मा बताते है कि नगर विकास न्यास में आवासीय योजनाओं के दौरान मांगे गए आवेदनों को देखते हुए लोगों की सुविधाओं के लिए ये खाते खोले गए थे, बैंक खातों की समीक्षा की जाएगी, जरूरत हुई तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बैंक खाते कम किए जा सकेंगे।

Narendra Kumar Verma Reporting
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