दूसरी लहर में कमी झेल चुका भीलवाड़ा अब ऑक्सीजन में बनेगा आत्मनिर्भर

तीसरी लहर से लडऩे की तैयारी, भामाशाहों से बड़ी संख्या में मिले कंसंटे्रटर

By: Suresh Jain

Published: 10 Jun 2021, 10:37 AM IST

भीलवाड़ा।
कोरोना की दूसरी लहर ने सरकार व प्रशासन को स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करने को मजबूर कर दिया। कोरोना में ऑक्सीजन की कमी ने मरीज व तीमारदारों को काफी परेशान किया। एेसे में भामाशाह व सामाजिक संगठन आगे आए व गांव और कस्बों के अस्पतालों तक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेंट किए। जिले को ६०० ऑक्सीजन कंसंटे्रटर मिले। इनमें कुछ सरकार ने दिए तो अधिकतर जनसहयोग व भामाशाहों से जुटाए गए। एक कंसंट्रेटर की कीमत करीब ४० हजार रुपए है। इस लिहाज से लगभग २४ करोड़ रुपए के कंसंट्रेटर जिले में उपलब्ध हैं। यदि तीसरी लहर आती है तो ऑक्सीजन की पूर्ति में मदद मिलेगी।
जिले को ज्यादातर ऑटो मोड के कंसंट्रेटर हैं। जिले में करीब ६०० कंसंट्रेटर है। इनमें ११६ एमजीएच में है। सीएमएचओ कार्यालय की ओर से अब तक ४०२ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पीएचसी व सीएचसी को उपलब्ध कराए गए। ८२ कंसंटे्रटर पड़े है, जिनका वितरण पीएचसी व सीएचसी को होना है।
इसलिए पड़ी जरूरत
असल में दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत हुई तो कई परिवारों व संगठनों ने खुद ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन खरीद ली। दिगम्बर जैन समाज ने ३० से अधिक कंसंट्रेटर खरीदे व समाज को उपलब्ध कराए।
एेसे करता काम
वातावरण में 21 प्रतिशत ऑक्सीजन, 78 प्रतिशत नाइट्रोजन व 1 प्रतिशत अन्य गैस है। कंसंट्रेटर हवा से ऑक्सीजन फिल्टर कर अन्य गैस छोड़ देता है। इससे मरीज को 90-95 प्रतिशत ऑक्सीजन मिल सकता है।
तीसरी लहर में नहीं आएंगी परेशानी
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे है। राज्य सरकार व जनसहयोग से ४८४ कंसंट्रेटर सीएचसी व पीएचसी व शाहपुरा सैटेलाइट अस्पताल को दिए गए। एमजीएच में भी सौ से अधिक कंसंट्रेटर है। इनके कारण ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा

Suresh Jain Reporting
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