प्लास्टिक बोतलों से बनेगा बायो फ्यूल, शहर में आई दो मशीन

रोडवेज स्टैंड और रेलवे स्टेशन चौराहे पर लगेगी, इसी माह होगी शुरुआत

By: Suresh Jain

Published: 03 Dec 2019, 04:04 AM IST

भीलवाड़ा।
शहर के रेलवे स्टेशन, रोडवेज स्टैंड तथा सड़कों पर पड़ी प्लास्टिक की बोतलों का अब निस्तारण होगा। इन्हें कचरे में फेंकने की जगह इससे बायो फ्यूल बनाया जाएगा। इसके लिए दो रिवर्स वेंडिंग मशीन आ गई है। वेदांता ग्रुप ने करीब १२ लाख रुपए लागत की दो मशीन राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल को सौंप दी। एक मशीन रोडवेज बस स्टैंड लगाई जाएगी, जबकि दूसरी रेलवे स्टेशन चौराहे लगाई जाएगी। इसी माह शुरू हो सकती है।
प्रदूषण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी महावीर मेहता ने बताया कि रिवर्स वेंडिंग मशीन में पेयजल, तेल या फ्लेवर्ड मिल्क की बोतल डालकर निस्तारण किया जाएगा, ताकि प्लास्टिक की बोतलें कहीं नजर न आए। वेदांता ग्रुप का कहना है, वेंडिंग मशीन में प्लास्टिक बोतलकाटने के बाद रिसाइक्लिंग या बायो फ्यूल के रूप में सीमेंट उद्योग में भेजी जाएगी। कई कंपनियां रिसाइकल के बाद प्लास्टिक के धागे तैयार कर कपड़े और कैप भी भी बना रही है। प्लास्टिक वेस्ट से जरूरी उत्पाद तैयार होंगे। एक मशीन में एक दिन करीब 750 बोतल काटकर रिसाइकल को भेजेगी, ताकि प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के साथ इससे आकर्षक उत्पाद भी बनाए जा सके। कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि इन प्लास्टिक बोतलों से हाई ग्रेड फाइबर तैयार होगा, जिससे विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे। मेहता ने बताया कि दोनों रिवर्स वेंडिंग मशीन सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएगी ताकि आमजन के काम आ सके। वेस्ट प्लास्टिक एकत्र कर सीमेंट उद्योग में चलाने को भेजे जाएगे। वहां इसके जलाने से प्रदूषण भी नहीं होगा। सीमेंट उद्योग के बॉयलर ऊंचा होता है।

अभी नहीं हो रही है सख्ती
केंद्र ने दो अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक की योजना बनाई। हालांकि सख्ती नहीं की जा रही। दुकानदार और आमजन प्लास्टिक थैली और डिस्पोजेबल का इस्तेमाल कम भी नहीं कर रहे। बाजार में अब भी सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम उपयोग हो रहा है। शहर में बिक्री करने वाले व्यापारियों पर भी अंकुश नहीं है। नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि इस पर रोक लगाए। इसके बावजूद निगरानी नहीं होती है।


रोज एकत्र होता 130 टन कचरा
शहर में रोज 120 से 130 टन कचरा निकलता है। इसमें अधिकांश सिंगल यूज प्लास्टिक होता है। अब यहां कंपोस्ट प्लांट बना है, जिससे खाद बनाई जाएगी। सिंगल यूज प्लास्टिक एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाता है। इसमें डिस्पोजेबल आयटम यानी प्लास्टिक बैग, थैलियां, बोतलें, कप-प्लेट, फूड पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल, गिफ्ट रैपर्स आदि शामिल हैं।

Suresh Jain Reporting
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