भाजपा काट सकती है ठेकेदारी करने पर टिकट

कोरोना महामारी के प्रकोप से प्रदेश में स्थगित किए गए निकाय चुनाव के बाद भाजपा ने जिले में संगठनात्मक ताकत बढ़ाने के लिए नई कार्ययोजना बनाई है। प्रदेश मुख्यालय की मुहर लगने की स्थिति में पार्षद टिकट के कई दावेदारों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा, वही विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ बागी उम्मीदवारों की भी वापसी हो सकेगी। BJP may cut tickets on contractual basis in bhilwara

By: Narendra Kumar Verma

Published: 23 Aug 2020, 11:51 AM IST

भीलवाड़ा। कोरोना महामारी के प्रकोप से प्रदेश में स्थगित किए गए निकाय चुनाव के बाद भाजपा ने जिले में संगठनात्मक ताकत बढ़ाने के लिए नई कार्ययोजना बनाई है। प्रदेश मुख्यालय की मुहर लगने की स्थिति में पार्षद टिकट के कई दावेदारों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा, वही विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ बागी उम्मीदवारों की भी वापसी हो सकेगी। BJP may cut tickets on contractual basis in bhilwara

निकाय चुनाव स्थगित होने से भाजपा अब दो माह बाद होने वाले चुनाव के लिए दुगनी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में आने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी विधायकों को क्षेत्र में अधिक सक्रिय करने के साथ ही कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ाव की गणित भी बैठा रही है। शिकायत रही है कि विधायकों की मौजूदगी नगर परिषद व पालिका बोर्ड बैठक में ही अधिक रही। इसी कारण पार्षदों के साथ उनका तालमेल नहीं बैठ सका और विकास के मुद्दों को भी बल नहीं मिल सका। विधायकों व पार्षदों को भी एक मंच पर लाने के लिए पार्टी राय मशवहरा कर रही है।

निर्माण कार्यों से जुड़े तो मुश्किलें
जिला भाजपा ने निकाय चुनाव के टिकटों की दावेदारों के लिए भी फार्मुला तैयार किया है, फार्मुले के अनुसार ऐसे कार्यकर्ताओं को इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा, जो कि नगर परिषद व नगर विकास न्यास की तरफ से दिए जाने वाले निर्माण कार्यों से जुड़े है या फिर ठेकेदारों को संरक्षण दे रहे है। ऐसे कार्यकर्ता चाह पूर्व में पार्षद रह चुके हो। इसी प्रकार अपराधिक प्रवृत्ति, आर्थिक मामलों से विवाद में आए कार्यकर्ता को भी टिकट नहीं दिया जाएगा।

हो सकेगी वापसी
विधानसभा चुनाव २०१८ में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लडऩे पर पार्टी से निष्कासित या निलम्बित किए गए कार्यकर्ताओं की भी पार्टी में वापसी की तैयारी कर ली गई है। इनमें मांडल,सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी के कद्दावर नेता भी शामिल है। इनकी वापसी को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने भी हरी झंडी देदी है।

बोर्ड होने के बावजूद कहां हुई चूक
भीलवाड़ा नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड होने के बावजूद चार सभापति बनने तथा पार्षदों को लेकर मिली शिकायतों की भी पार्टी स्तर पर जांच की जा रही है। वही पार्टी में सक्रिय कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठों को निकाय चुनाव में प्राथमिकता मिलें, इसके लिए भी जिला भाजपा ने प्रदेश की पालना में गाइड लाइन बनाई है।

प्रदेश ने मांगी है रिपोर्ट
प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी से निष्कासित एवं निलम्बित कार्यकर्ताओं के लिए वापसी के रास्ते खोले है, इसी गाइडलाइन के अनुरुप वापसी के प्रयास किए जा रहे है। सक्रियों को पार्टी की अग्रिम पंक्ति में लाया जा रहा है। निकाय चुनाव में टिकट दिए जाने के संदर्भ में भी प्रदेश ने रिपोर्ट मांगी है, स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर समीक्षा कर रहे है।
लादूलाल तेली, भाजपा जिलाध्यक्ष

Narendra Kumar Verma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned