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budget 2021-सेहत के लिए बढ़े बजट, सुधरे आधारभूत ढांचा

केंद्रीय व राज्य बजट पर परिचर्चा
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

•

Updated: 26 Jan 2021, 1:40 PM IST

budget 2021-सेहत के लिए बढ़े बजट, सुधरे आधारभूत ढांचा

budget 2021-सेहत के लिए बढ़े बजट, सुधरे आधारभूत ढांचा

भीलवाड़ा।
एक फरवरी को आम बजट पेश होने जा रहा है। इससे चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े चिकित्सक से लेकर आम जनता तक को बड़ी उम्मीदें हैं। डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना काल में अच्छा काम किया लेकिन आज भी कई अस्पतालों में उपकरणों की कमी है। लिहाजा केन्द्र व राज्य सरकार के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में नई योजना पेश करनी चाहिए। राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना को और मजबूत किया जाए।
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आम बजट से बड़ी उम्मीद है। महामारी का माहौल है। रोजाना काम आने वाली चीजों की कीमतें आसमान छू रही है। सबकी नजरें बजट पर है। उम्मीद है कि महंगाई से राहत मिलेगी।
डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच भीलवाड़ा
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कोरोना के नाम पर काफी बजट खर्च हो रहा है, लेकिन सामान्य बीमारियों के हर साल दिए जाते रहे बजट का ध्यान रखना होगा। भामाशाह के साथ जुड़ी योजनाओं को भी देखने की जरुरत है। रोजगार को बढ़ावा मिलना चाहिए।
डॉ. घनश्याम चावला, डिप्टी सीएमएचओ
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केंद्र सरकार को चाहिए कि आधारभूत सुविधा व स्ट्रेक्चर को पहले ही इतना मजबूत रखे कि किसी भी बीमारी से निपटने के लिए तैयार रहें। राज्य बजट में मौजूदा संस्थानों में कर्मचारी लगाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
डॉ. दुष्यन्त शर्मा, अध्यक्ष आईएमए
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किसानों व आम आदमी को राहत मिलली चाहिए। कर का बोझ घटना चाहिए। पेट्रोल व डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है। इसका भार आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। इसमें सुधार करना चाहिए।
डॉ. आलोक मित्तल, वरिष्ठ चिकित्सक बांगड़ अस्पताल
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स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं में सुधार की जरूरत है। अस्पतालों में मारपीट के पीछे वजह भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। डॉक्टर-रोगी के बीच बेहतर तालमेल के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करें व नई भर्तियां करें।
डॉ. देवकिशन सरगरा, उप नियंत्रक एमजीएच
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पिछले दस माह में लोगों का अधिकांश बजट चिकित्सा क्षेत्र में व्यय हुआ। स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए अलग से बजट लाने के साथ नि:शुल्क दवा योजना और मजबूत की जाए।
डॉ. सुरेश चौधरी, एमजीएच
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डॉक्टरों ने बुनियादी ढांचे के उन्नयन और उचित कार्य स्थितियों को सुनिश्चित करने और चिकित्सकों के खिलाफ हिंसा की जांच सहित स्वास्थ्य क्षेत्र को उच्च बजट का आवंटन करना चाहिए। बुनियादी ढांचा मजबूत करें।
डॉ. जयराज वैष्णव, ईएनटी विभाग
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शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदलाव जरूरी है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलना चाहिए। बिजनेस आगे बढ़ाने के लिए लोन पैकेज मिलना चाहिए। महंगाई पर लगाम जरूरी है।
डॉ. नरेश पोरवाल, अस्थी रोग विशेषज्ञ पोरवाल हॉस्पिटल
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कोरोना के बाद की दुनिया में स्वास्थ्य बीमा अनिवार्यता बन गई है। धारा 80 डी के तहत समग्र सीमा को आम व्यक्ति के लिए बढ़ाकर 75 हजार तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपए किया जाए।
डॉ. अतुल शर्मा, एएसपीएन आई हॉस्पिटल
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हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर जीएसटी न्यूनतम हो, ताकि व्यक्तिगत पॉलिसीधारक के लिए प्रीमियम की लागत कम हो जाए। वेतनभोगी वर्ग को 50 हजार रुपए की मानक कटौती दी गई है। इसमें संशोधन कर 1 लाख रुपए किया जाए।
डॉ. प्रमोद शर्मा, शर्मा ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल
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हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़े चिकित्सा संस्थानों से ऑनलाइन जुडऩा चाहिए। ऑनलाइन-परामर्श और कंसल्टेंसी सुविधा मजबूत होने से बाहर के मरीजों को भी राज्य में इलाज को प्रेरित किया जा सकेगा। इससे विभिन्न कारोबार फलेंगे फूलेंगे।
डॉ. हरीश मारू, स्वास्तिक हॉस्पिटल
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बजट में स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवहन जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा को मजबूती देने की जरूरत है। आमजन से कारोबारी तक चाहता है कि हेल्थकेयर इन्फ्रा पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए। नए हॉस्पिटल खुलें, ताकि इस सेक्टर की कंपनियों को बेहतर मौके मिले।
डॉ. विनय बोहरा, याशिका नेत्र चिकित्सालय
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एलएलपी के साझेदारों को कारोबार आय के रूप में वेतन दिया जाता है, जबकि कंपनी के निदेशकों को मिलने वाले वेतन पर कर नहीं लगाया जाता। यह अंतर को दूर किया जाए। इससे छोटे एवं मध्यम कारोबारों को फायदा होगा।
डॉ. अभिषेक पंवार, मेवाड़ हॉस्पिटल
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आयुष्मान भारत के तहत अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने से लोगों को नजदीकी अस्पतालों में चिकित्सा मिल सकेगी। नए मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की कमी पूरी होगी। दूरस्थ क्षेत्रों में इलाज का दायरा भी बढ़ेगा।
डॉ. चीना वैष्णव, बीगोद
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आयुष बजट कुल का तीन प्रतिशत मिलता है जो कम है। सरकार को आयुष पद्वति को मूलधारा में लाने के लिए बजट का दायरा बढाना चाहिए। एक ही छत के नीचे रोगियों के लिए सुविधाएं सहज उपलब्ध किया जाना चाहिए।
डॉ. सुनील विश्नोई, बीगोद
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एनएचएम और एनआरएचएम कर्मियों को स्थाई किया जाए। नर्सिंगकर्मियों के नए पद सृजित किए जाएं। स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट बढ़ाएं। सांसद और विधायक कोष का एक हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में खर्च होना चाहिए। कोरोना वैक्सीन चरण बद्ध तरीके से सभी को नि:शुल्क उपलब्ध होनी चाहिए।
प्रशांत कुमार चतुर्वेदी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीगोद
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स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी के साथ टैक्स में छूट मिले। पेट्रोल-डीजल के भाव कम हो। डॉक्टरों के लिए निवास योजना को सख्ती से लागू करने, डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को गैर-जमानती अपराध बनाने और केंद्रीय चिकित्सा न्यायाधिकरण की स्थापना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
डॉ. भंवर लाल शर्मा, चिकित्सा प्रभारी, मांडल
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सरकार वेतन भोगी कार्मिकों व अधिकारियों को टैक्स से राहत दे। 5 लाख तक की आय पर 5 प्रतिशत, 5 से 10 लाख तक 10 प्रतिशत, 10 लाख से 20 लाख तक २० प्रतिशत स्लैब बनाए। इससे हर आदमी टैक्स देने के बारे में सोचे। सभी तरह के टैक्स में कमी हो। सार्वजनिक परिवहन के साधन उत्तम हो, खास तौर पर नए रेलवे मार्ग, गाडिय़ों का प्रावधान होना चाहिए।
डॉ. प्रभाकर अवताड़े, चिकित्सा प्रभारी, करेड़ा
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जहाजपुर क्षेत्र में आए दिन हादसे होते हैं।गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है। जहाजपुर को ट्रोमा यूनिट की सौगात मिलनी चाहिए। यहां चिकित्सकों के सभी 20 पद भरे जाने चाहिए। चिकित्सा सुविधा बढ़ानी चाहिए।
डॉ. नईम अख्तर, जहाजपुर
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बजट से काफी उम्मीदें हैं, खजूरी को सीएससी में क्रमोन्नत कर भवन के लिए बजट देना चाहिए। इससे खजूरी व आमलदा से आने वाले मरीज को राहत मिलेगी। गंभीर मरीजों को उपचार मिलने से राहत मिलेगी।
डॉ. जीपी गोयल, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, जहाजपुर