कॉलेज का साथी था वेंटिलेटर पर, पूर्व साथियों ने किया यह काम जो बन गया नजीर

कॉलेज का साथी था वेंटिलेटर पर, पूर्व साथियों ने किया यह काम जो बन गया नजीर
College fellow was on ventilator, former colleagues did this work whic

Jasraj Ojha | Updated: 23 Sep 2019, 11:31:31 AM (IST) Bhilwara, Bhilwara, Rajasthan, India

 

भीलवाड़ा में सोशल मीडिया को बनाया ताकत

 

 

जसराज ओझा. भीलवाड़ा. माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल एंड इंजीनियरिंग कॉलेज ( mlv textile college) के छात्र रह चुके इंजीनियर्स ने अपने साथी की मदद के लिए अनूठी पहल की है। दरअसल, बैंगलूरु में ब्लैकबैरी कम्पनी में कार्यरत एवं वर्ष २०१२ में कॉलेज से पासआउट सुमित सोनी गत २३ अगस्त को 'जीबीएस वायरसÓ बीमारी से ग्रस्त हो गए। अहमदाबाद के निजी अस्पताल में उपचाररत सुमित के परिजन को आर्थिक मदद की जरूरत हुई। इस बात का पता चलने पर कॉलेज के पूर्व छात्र रहे अन्य इंजीनियर्स ने कॉलेज की थ्राइविंग इंजीनियर्स एलुमिनाई ऑफ एमएलवीटी (टीम) ग्रुप में शेयर कर दिया। इस पर ग्रुप के सदस्यों ने अपने साथी की मदद के लिए दो दिन में छह लाख रुपए एकत्र कर दिए। अध्यक्ष कमलेश बाहेती व सचिव अनुराग जागेटिया पहल पर एकत्र राशि का अस्पताल के नाम चेक भेज दिया गया। सुमित के जबड़े के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया और वेंटिलेटर पर है व महंगा उपचार चल रहा है। गौरतलब है कि थ्राइविंग इंजीनियर्स एलुमिनाई ऑफ एमएलवीटी (टीम) से जुड़े कई सदस्य देश व विदेश में कार्यरत हैं। इससे पहले भी २०१७ में कैंसर पीडि़त इंजीनियर साथ के लिए पांच दिन में पांच लाख रुपए एकत्र किए गए थे।
-----
पुराने साथियों ने पेश की है मिसाल
कॉलेज के पूर्व छात्रों के प्रत्येक बैच की ओर से जरूरतमंद विद्यार्थियों को 25 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाती है। मदद करने वालों में कॉलेज की स्थापना 1992 के बैच से 2009 के विद्यार्थी शामिल हैं। करीब सात लाख रुपए सालाना छात्रवृत्ति दी जा रही है। कई सदस्य परिजनों की याद में भी छात्रवृत्ति देते हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned