तेरे दर पे आए है, झोली तो भर दो...

गोविन्द धाम में वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन झूमे श्रद्धालु

भीलवाड़ा।
Govind Dham मौला मस्तन जा कम पाण करें, न त केर निमाणन ते नजर करें। तेरे दर पे आये है, झोली तो भर दो। मुझे तुमने बाबा बहुत कुछ दिया है। तेरा शुक्रिया है, बाबल देर न लगाओ, सतगुरु दर्शन दो। आदि भजन गाकर बाबा श्यामदास के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन बुधवार शाम को सिन्धुनगर स्थित गोविन्द धाम में ईश्वर उदासी व अर्जुन उदासी ने गाए भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर भानुपुरा पीठ के शंकराचार्य ज्ञानानन्द तीर्थ भी उपस्थित थे।

Govind Dham प्रात:कालीन सत्र में महंत गणेशदास ने कहा कि जीवन में ज्ञान, संयम और तप आवश्यक है। जीवन में ज्ञानी व्यक्ति और संयमी व्यक्ति को जीवन में कभी दु:ख और परेशानी नहीं झेलनी पड़ती है। जिस व्यक्ति ने तप किए हैं उसकी काया छोटी-मोटी बाधाओं से विचलित ही नहीं होती। सायंकालीन सत्र में गोविन्द धाम के महन्त गणेशदास, साईं किशनदास, अमरकंठ से आए स्वामी अमरमुनि, पुष्कर के स्वामी मनोहरानंद व इन्दौर से आए दीपक उदासी बालक मण्डली ने भजन कीर्तन किए।

51 बच्चों ने धारण किए जनेऊ
गोविन्द धाम सेवा मण्डल के तत्वावधान में गोविन्द धाम दरबार में बुधवार सुबह सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया गया। इसमें 51 बच्चों व युवकों को विधि विधान पूर्वक यज्ञोपवीत धारण करवाए गए। जनेऊ धारण करने वाले बच्चों व युवकों के साथ सिन्धुनगर क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। महन्त गणेशदास ने बताया कि जनेऊ संस्कार सनातन धर्म की प्रथम सीढ़ी है।

Suresh Jain
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