कोरोना संक्रमित को अब 14 दिन बाद मान लिया जाएगा निगेटिव

नहीं होगा आरटीपीसीआर का रिपिट सैंपल

By: Suresh Jain

Updated: 06 May 2021, 10:06 PM IST

भीलवाड़ा
कोरोना संक्रमित आने वाले मरीजों को पुन: निगेटिव आने को लेकर अपनी कई बार आरटीपीसीआर करवाता है। लेकिन अब इस जांच पर सरकार ने रोक लगा दी है। कोरोना पॉजिटिव मरीज की दुबारा कोरोना जांच नहीं होगी। 14 दिन बाद मरीजों को किसी प्रकार का लक्षण नहीं आता है तो वह कोरोना मुक्त है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने नई गाडइ लाइन जारी की है। इसके तहत अब कोरोना का रिपिट सैंपल नहीं किया जाएगा। यानी किसी मरीज के लक्षण आने पर कोरोना जांच (आरटीपीसीआर) टेस्ट कराने पर वह पॉजिटिव आ जाता है तो उसके बाद वह निगेटिव हुआ या नहीं यह देखने के लिए उसका दुबारा टेस्ट नहीं किया जाएगा। 14 दिन बाद किसी प्रकार का लक्षण नहीं होने पर स्वयं को निगेटिव मान लें। ऐसे मरीज जो अस्पताल में भर्ती हैं उनका भी डिस्चार्ज के समय कोरोना रिपिट टेस्ट नहीं किया जाएगा। मरीज की तबीयत ठीक होने पर उसे बिना जांच के डिस्चार्ज किया जाएगा। आईसीएमआर का मानना है कि कोरोना वायरस का असर शरीर में 14 दिन ही रहता है, इसके बाद वायरस निष्क्रिय हो जाता है।
सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान ने बताया कि आईसीएमआर की नई गाडइ लाइन के तहत अब मरीज का रिपिट सैंपल नहीं किया जाएगा। कोरोना वायरस का टाइम पीरियड 14 दिन का माना गया है। इन दिनों में मरीज ठीक हो जाता है और वायरस भी निष्क्रिय हो जाता है। निष्क्रिय वायरस शरीर में रहे तो उससे नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा उससे संक्रमण अन्य लोगों में भी नहीं फैलेगा। 14 दिन बाद भी किसी में लक्षण हैं तो डॉक्टर की सलाह पर इलाज होगा।

Suresh Jain Reporting
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