कोरोना जांच के आदेश की अब तक नहीं हो पाई पालना

प्रमुख सचिव ने 12 अक्टूबर को जारी किए थे आदेश

By: Suresh Jain

Published: 18 Oct 2020, 07:40 PM IST

भीलवाड़ा .
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव के 12 अक्टूबर के कोरोना जांच आदेश की अब तक पालना नहीं हो सकी है। आदेश के अनुसार कोविड के प्रसार को रोकने के लिए निजी अस्पतालों में सर्जरी, प्रसव आदि से पहले जरूरी होने पर कोविड जांच के लिए अस्पताल के लैब टेक्नीशियन से सैम्पल एकत्र कराने के बाद सरकारी लैब में भिजवाने को कहा था। लेकिन अभी तक किसी ने सरकारी लैब में जांच नहीं करवाई है। हालांकि मरीज खुद अपनी जांच करा रहे हैं।
आदेश के अनुसार सरकार निजी अस्पतालों के मरीजों की कोरोना जांच सरकारी आरटीपीसीआर लैब में नि:शुल्क करने को कहा था। निजी चिकित्साकों का कहना है कि आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया कि कोरोना सैम्पल लेने के लिए वीटीएम किट निजी अस्पताल अपने स्तर पर खरीदेंगे या सरकार उपलब्ध कराएगी। इस कारण निजी अस्पताल कोरोना जांच सैम्पल नहीं ले पा रहे हैं। जब निजी अस्पतालों ने वीटीएम किट मांगी तो सीएमएचओ कार्यालय की ओर से निदेशालय से गाइड लाइन मांगी है।
इसमें निजी अस्पतालों के मरीजों की कोरोना जांच नि:शुल्क होगी और निजी अस्पताल मरीजों से जांच के नाम पर कोई शुल्क नहीं वसूलेंगे। जो निजी अस्पताल जांच के लिए सैंपल भिजवाएंगे, वे आरटीपीसीआर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करेंगे और मरीज के सैंपल लेने का विवरण आरटीपीसीआर एप पर विवरण दर्ज करेंगे। आदेश में वीटीएम किट उपलब्ध कराने का कोई उल्लेख नहीं किया है। ऐसी स्थिति में न तो निजी अस्पताल अभी तक अपने स्तर पर सैंपल एकत्र कर पाए हैं और न ही उनके मरीजों की जांच शुरू हो सकी है।
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प्रमुख शासन सचिव ने निजी अस्पतालों की जांच के आदेश जारी किए। मरीज अस्पताल में आकर जांच करवा रहे हैं। लेकिन निजी अस्पतालों में मरीज कितने भर्ती हैं, उसकी सूचना देनी होगी।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा

Suresh Jain Reporting
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