स्वस्थ लोगों में कोरोना की होगी रैंडम जांच

रायला में मिली महिला ने सभी को चौकाया
बिना किसी लक्षण के निकली कोरोना पॉजिटिव

By: Suresh Jain

Updated: 06 Apr 2020, 09:37 PM IST

भीलवाड़ा .

जिले में कोरोना संक्रमण पर ब्रेक तो नहीं लगा लेकिन इस चेन को तोडऩे के लिए अभी भी प्रशासन को मेहनत करनी पड़ रही है। हालांकि इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन आमजन तक वायरस पहुंचने का खतरा न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से निपटने की रणनीति बदल दी है। अब शहर के हाईरिस्क एरिया में कोरोना रैंडम जांच की जाएगी। इसके लिए स्वस्थ व्यक्तियों का सैंपल लिए जाएंगे। इसके पीछे मुख्य कारण है रायला में एक महिला के बिना किसी कोरोना संक्रमण के जांच में कोरोना पॉजिटिव आना है। इसे लेकर सोमवार को जयपुर, उदयपुर तथा भीलवाड़ा की चिकित्सा टीम ने रायला व सनोदिया गांव का का दौरा किया था, लेकिन यह पत्ता नहीं चल पा रहा है कि महिला में कोरोना कैसे आया।
शहर में कोरोना वायरस से पीडि़तों की संख्या २७ है। इनमें से १७ लोगों को नेगेटिव रिपोर्ट आई है। इनमें से ९ जनों को होम आइसोलेशन के लिए भेज दिया है। अन्य को भी जल्द ही तीसरी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर घर भेज दिया जाएगा। लेकिन रायला में मिले एक सामान्य रोगी को भी कोरोना होने के बाद प्रशासन की चिन्ता बढ़ा दी है। ऐसे में गुलाबपुरा क्षेत्र के ९ गांवों में स्वस्थ्य व्यक्ति का भे सैम्पल लेने का काम किया जा रहा है। ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति इसकी चपेट में न आ सके। डाक्टरों की टीम ने तब्लीगी समाज के लोगों के भ्रमण ने बड़े खतरे की ओर ़टाल दिया। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं कि कही ंआम जन तक तो यह वायरस नहीं पहुंचा है।
हर दिन बढ़ रहे सैम्पल
लैब टेक्नीशियन का कहना है कि हर दिन सैम्पल लेने की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें सामान्य व्यक्ति के सैम्पल भी शामिल है। रविवार को भी २५० से अधिक के सैम्पल लिए गए थे। सोमावर को भी यही लक्ष्य दिया गया था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब भी घर-घर हेल्थ टीम स्क्रीनिंग कर रही है। साथ ही स्वस्थ व्यक्ति की सैंपलिंग के लिए विशेष टीम लगी हुई है। जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने स्वस्थ व्यक्तियों में रेंडम कोरोना टेस्ट के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने पर ही शहर में वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खुलासा होगा।
अभी इनकी हो रही थीं जांच
- पिछले 14 दिन में विदेश यात्र से लौटे हैं। उनमें बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ होने पर।
- लैब द्वारा कोरोना मरीज पुष्टि के संपर्क में आने वाले लोगों की। उनमें बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ होने पर
- ऐसे हेल्थ वर्कर जिनमें बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ हो रही है
- ऐसे व्यक्ति जो कोरोना मरीज के परिवारजन हैं, उनमें किसी तरह की परेशानी हो रही है
- ऐसे हेल्थ वर्कर जो कोरोना पॉजिटिव मरीज का उपचार कर रहे हैं।
- अब सामान्य व्यक्ति के रैण्डम सैम्पल लेकर जांच की जा रही है।

Suresh Jain Reporting
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