45 हजार हैक्टेयर में फसलें खराब

1000 किसान हुए प्रभावित, बढ़ सकती है इनकी संख्या, जिले में कृषि विभाग का सर्वे, कई खेतों में भरा पानी

By: Suresh Jain

Published: 05 Sep 2019, 11:03 AM IST

भीलवाड़ा।
Crops spoiled 2019 जिले में मानसून मेहरबान है। कुछ इलाकों में भारी बारिश से खेतों में पानी भरा है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचा। कृषि विभाग ने दस उपखण्ड क्षेत्र के गांवों का सर्वे कराया। अब तक मिली रिपोर्ट में सुवाणा ब्लॉक के सात गांवों में खराबा बताया जबकि ९ पंचायत समिति के सभी गांवों में फसलों में ८ से ५० प्रतिशत तक खराबा बताया गया है। इससे प्रभावित किसानों की संख्या ९५० है। जिले में करीब ४5 हजार हैक्टेयर में मक्का, उड़द, तिल, मूंग, ज्वार की फसलें खराब होने की ओर है।


इनमें खराबा (हैक्टेयर में)
मक्का १५,७०३
उड़द ८९४०
ज्वार ५२३२
मूंग ३३००
तिल २७००
कपास २३७३
ग्वार १०३४
मूंगफली ७८२
बाजरा २११
सोयाबीन १५५
सुवाणा के सात गांव में खराबा
Crops spoiled 2019 सर्वे में सुवाणा के कोदूकोटा, रीछड़ा, पीपली, कंलून्दिया, बरसोलिया, पातलियास व सुवाणा में खराबा बताया। ये गांव चारों दिशा में है लेकिन अन्य गांवों में खराबा नहीं बताया। हालांकि कान्दा के काश्तकार बालूलाल गाडरी ने कहा, हमारे गांव में कई किसानों की फसलें खराब हो चुकी है।
गिरदावरी की मांग
खराबे को देखते 15 सितम्बर से गिरफ्तारी होगी। वहीं प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि गिरदावरी शुरू होने तक फसले कट जाएगी या उखाड़ कर अन्य बुआई शुरू हो जाएगी। ऐसे में गिरदावरी जल्द कराई जाए।
रिपोर्ट मुख्यालय भेजी
जिले में अतिवृष्टी से खराब फसलों की रिपोर्ट कृषि आयुक्त को भेज दी है। गिरदावरी का काम राजस्व विभाग का है।
जितेन्द्रसिंह शेखावत, उपनिदेशक कृषि (विस्तार)

Suresh Jain Reporting
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