देवखजुरिया श्याम में दर्शन लॉक, श्रद्धालुओं की भीड़ डाउन

आस्था एवं विश्वास का मठ कहे जाने वाले देवखजुरिया श्याम पर लॉक डाउन का साया छाया हुआ है। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ से घिरा रहने वाला देवखजुरिया श्याम स्थल पर दूर दूर तक सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां मनिहारीए घरेलू सामानए प्रसादए चाय व पकोड़ी की दुकानों पर ताले लगे हुए है। चकरी झूलें भी लॉक है। लॉक डाउन के बावजूद बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए पहुुंच रहे श्रद्धालुओं को पुलिस जाप्ता वापस रवाना कर रहा है। Darshan lock in Devkhajuriya Shyam, crowd of devotees down

By: Narendra Kumar Verma

Published: 05 May 2020, 11:16 AM IST

भीलवाड़ा। आस्था एवं विश्वास का मठ कहे जाने वाले देवखजुरिया श्याम पर लॉक डाउन का साया छाया हुआ है। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ से घिरा रहने वाला देवखजुरिया श्याम स्थल पर दूर दूर तक सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां मनिहारीए घरेलू सामानए प्रसादए चाय व पकोड़ी की दुकानों पर ताले लगे हुए है। चकरी झूलें भी लॉक है। लॉक डाउन के बावजूद बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए पहुुंच रहे श्रद्धालुओं को पुलिस जाप्ता वापस रवाना कर रहा है।

सहाड़ा तहसील के उपखंड मुख्यालय गंगापुर से 18 किलोमीटर दूर गोवलिया पंचायत के आठ सौ की आबादी के खजुरिया में देवखजुरिया श्याम स्थल हैए जो कि सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के साथ ही जिले व प्रदेश में प्रसिद्ध है। यहां वर्ष पर्यन्त प्रत्येक शनिवार को श्रद्धालुओं का मेला रहता है। कोई मन्नतें मांगने के लिए आता है तो कोई मुराद पूरी होने पर चढ़ावे के लिए आता है। आम दर्शनार्थियों की भीड़ भी बनी रहती है। इनमें बड़ी संख्या पद यात्री भी शामिल होते है। दर्शन के लिए श्रद्धालु यहां कतार में अपनी बारी का इंतजार करते है। Darshan lock in bhilwara Devkhajuriya Shyam, crowd of devotees down

झूठी कसम खाने से डरते है
मान्यता ऐसी है कि खजुरिया श्याम की झूठी कसम खाने से लोग डरते हैं। क्षेत्र के लोगो के कई विवाद खजुरिया श्याम की साख में निपटा लिए जाते है। खजुरिया श्याम के दरबार में बर्तनए परातेए भगोनेए कड़ावए कोठियाए धामेंए चम्मचए बाल्टियां के इतने ढेर रहते है कि एक साथ 40 शादी के लिए भोजन परोस दिया जाए। खास बात यह है कि ये तमात बर्तन बिना किसी निगरानी के लोग ले जाते है और लाते है। खजुरिया श्याम के चारों और न कोई दीवार है न दरवाजे न छत उसके बावजूद आज तक न तो शादी समारोह के बर्तनों की चोरी हुई हैं और न ही आभूषण की।

तीनों रास्तों पर बेरिकेड्स
कोरोना का संकट होने से स्थानीय ग्रामीणों ने खजुरिया श्याम बावजी को भी कपड़े से सुरक्षित तरीके से ढक रखा हैए यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने के लिए हेड कांस्टेबल जेठमल तथा कांस्टेबल दिनेश विश्नोई व दिलीप सिंह मुस्तैद है। लॉक डाउन के चलते मंदिर तक जाने के तीनों रास्तों को बेरिकेड्स लगाकर बंद किया गया हैं।

देश का कोना.कोना जुड़ा
पुजारी देवी लाल जाट ने बताया कि यहां प्रत्येक शनिवार के साथ ही भादवी छट व मई साता पर यहां परिसर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रहती है। देश के कोने.कोने से आइसक्रीमएक्रेशरएकम्प्रेशरएपावभाजी का व्यवसाय करने वाले लोग यहां आते है।

पढ़ाई का जिम्मा
अधिवक्ता सुरेश जाट ने बताया कि शिक्षकों की कमी के चलते मंदिर की तरफ से राजकीय विद्यालय गोवलिया में 2ए गिरडिया में 1ए सालेरा में 2ए खजुरिया में 2 व उदलियास में 1 शिक्षक लगाया गया है। 70 वर्षीय उदयराम ने बताया कि मन्दिर मे भगवान के लिए भले ही छाया नही हो किन्तु भक्तो के आराम व छांव की पुख्ता व्यवस्था है। चढावे के नारियल और अगरबत्ती पुनरू बाजार मे बिकने के लिए नहीं जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां का प्रसाद यही वितरित करना होता हैं कोई साथ नही ले जा सकता।

Narendra Kumar Verma Reporting
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