ऋण माफी योजना : मृत किसानों का भी कर्ज माफ कर रही सरकार, परिजनों से मृत्यु प्रमाण पत्र लिया जाएगा

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By: tej narayan

Published: 19 Jul 2018, 04:03 PM IST

भीलवाड़ा।

सरकार ने चुनावी साल में जीवित के साथ ही ऐसे किसानों का भी कर्ज माफ करने की तैयारी की है जो अब दुनिया में नहीं है। जिले में आठ हजार ऐसे किसान है जिनकी मौत हो चुकी है। अब उन पर सहकारी समितियों में कितना कर्ज बकाया था, इसका हिसाब जुटाया जा रहा है। सरकार ने इस बारे में विशेष आदेश जारी किया है। इसके बाद सहकारी समितियों के व्यवस्थापक इनकी सूचियां बना रहे हैं कि उनके कितने सदस्य किसानों की मौत हो चुकी है और उनमें कितना बकाया था। हालांकि सरकार ने पहले ही प्रदेश के सभी किसानों को ऋण माफी योजना का लाभ देने के आदेश दे रखे हैं। लेकिन इसके लिए सरकार ने किसान का खाता आधार से लिंक करने के निर्देश जारी किए थे। ऐसे में प्रदेश में हजारों किसानों की मौत होने तथा उनका वर्तमान में आधार नहीं होने से इस योजना के तहत लाभ नहीं मिल रहा था।


सहकारी समितियों के अतिरिक्त रजिस्ट्रार जीएल स्वामी ने 17 जुलाई को परिपत्र एलडब्ल्यू-7 का स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि फसली ऋण माफी योजना 2018 के परिपेक्ष्य में मृतक सदस्यों के पास आधार कार्ड नहीं है, ऐसे मृतक किसानों के परिजनों से दस्तावेज के रूप में सक्षम अधिकारी से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र को पात्रता की पुष्टि व डाटा वेलिडेशन के लिए स्वीकार किया जाए। मृतक किसान के विधिक परिजनों को फसली ऋण माफी का लाभ दिया जाए। इस आदेश के बाद प्रदेश की ग्राम सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के चेहरे खिल गए है। कई मृतक किसान के ऐसे खाते है जो वर्षो से अवधिपार है। लेकिन किसान की मृत्यु होने के बाद उस खाते में किसी ने ऋण के बदले राशि जमा नहीं कराई है। इससे अब इनके खाते में ऋण माफी होने से समितियों को नया जीवनदान भी मिलेगा।


288 करोड़ का ऋण माफ

जिले में 99 हजार 656 किसानों के 287 करोड़ 98 लाख का ऋण माफ किया गया। समिति पर ऋण माफी प्रमाण पत्र शिविर लगाए गए। जिले में 1 लाख 21 हजार 816 किसानों को ऋण माफी का लाभ दिया जाना है। इसके तहत अब तक 1 लाख 13 हजार 51 किसानों के खातो को आधार से लिंक कर दिया गया है।

 

समितियों के खाते होंगे बन्द
जिले में कई ऐसे खाते है जिनमें किसानों की मौत तो हो गई लेकिन ऋण बकाया चल रहा है। ऐसे में समितियों को इससे आर्थिक नुकसान हो रहा था। लेकिन सरकार ने ऋण माफी योजना में मृतक किसान के परिजनों के पास आधार नहीं है तो उन्हें अब मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करना होगा।
अनिल काबरा, प्रबन्धक केन्द्रीय सहकारी बैंक भीलवाड़ा

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