इको ब्रिक्स के निर्माण से प्लास्टिक कचरे का निस्तारण

प्लास्टिक पाउच से पर्यावरण को खतरा

By: Suresh Jain

Published: 12 Feb 2021, 10:04 AM IST

भीलवाड़ा।
प्लास्टिक पाउच से पर्यावरण को बहुत बड़ी हानि हो रही है। यह न गलता है ओर न ही जलता हैं। इको ब्रिक्स इससे बचाव का बहुत बड़ा उपाय हैं। यह विचार डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल पूजा कपूर ने विद्यालय में अपना संस्थान की ओर से आयोजित इको ब्रिक्स कार्यशाला में व्यक्त किए। अपना संस्थान की महिला प्रमुख साधना मेलाना ने बताया कि गुटखा, चॉकलेट, सोस, पान मसाला, दूध की थैलियां आदि के छोटे छोटे टुकड़े नालियो के साथ बहकर नदी नालों व समुंदर में चले जाते है। जिनके बारीक कण पानी में रहने वाले जीव जंतुओं के साथ-साथ मनुष्यो के लिए भी बहुत हानिकारक है। कैंसर जैसा रोग इसके कारण पैदा होता है। इससे बचने के लिए इको ब्रिक्स बनाना बहुत सरल और बिना खर्चे का उपाय है। मेलाना ने बच्चो को इको ब्रिक्स बनाने की विधि बताई तथा प्लास्टिक कचरे को सड़क पर नहीं फेकने की शपथ ली। अपना संस्थान के महानगर सचिव विनोद कोठारी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण व प्लास्टिक का कम से कम उपयोग हो इसके लिए कुंभ में कपड़े का थैला हरिद्वार भिजवाया जाएगा।
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यादे जयन्ती पर रक्तदान शिविर
भीलवाड़ा . प्रजापति नवयुवक मण्डल के उपाध्यक्ष सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि यादे जयंती महोत्सव के उपलक्ष में शनिवार को सुबह ९ बजे से रक्तदान शिविर सोडार ग्राम में आयोजित होगा। उपसचिव टीकमचंद प्रजापति ने बताया कि यादे माता की आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात्रि में भजन संध्या होगी।

Suresh Jain Reporting
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