scriptDon't know where Meja Dam's smile got lost | ना जाने कहां खो गई मेजा बांध की मुस्कान | Patrika News

ना जाने कहां खो गई मेजा बांध की मुस्कान

Don't know where Meja Dam's smile got lost वस्त्रनगरी की जीवन रेखा कहा जाने वाला मेजा बांध अब गुमनामी में है। एक दशक पूर्व पर्यटकों की रेलम पेल एवं आयोजनों की रंगत में डूबा रहने वाले मेेजा बांध का पिकनिक स्पॉट उजाड़ एवं वीरान है।

भीलवाड़ा

Updated: November 18, 2021 11:40:45 am


भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी की जीवन रेखा कहा जाने वाला मेजा बांध अब गुमनामी में है। एक दशक पूर्व पर्यटकों की रेलम पेल एवं आयोजनों की रंगत में डूबा रहने वाले मेेजा बांध का पिकनिक स्पॉट उजाड़ एवं वीरान है। चम्बल पेयजल परियोजना का पानी शहर में आने के बाद से शहरवासी भी मेजा बांध की राह भूल गए हैं। नगर विकास न्यास के मेजा बांध को प्रदेश की माउंट आबू की नेकी झेली पर विकसित करने की योजना भी सरकारी फाइलों में दब गई है। जलसंसाधन विभाग की मानें तो डीएमएफटी फंड के भरोसे यहां की काया पलट की योजना उम्मीद बांधे है। Don't know where Meja Dam's smile got lost
Don't know where Meja Dam's smile got lost
Don't know where Meja Dam's smile got lost
एक दशक पूर्व एकमात्र आकर्षण था मेजा बांद
वस्त्रनगरी में करीब एक दशक पूर्व पर्यटन स्थल के रूप में मेजा बांध का नाम ही जाना जाता था, बारिश व सावन के मौसम में तो यहां मेले का ही माहौल रहता था। जलसंसाधन विभाग ने शहर वासियों एवं पर्यटकों को यहां आकर्षित करने के लिए माउंट वेली विकसित की। इसमें झूले, चक्करी, रंगीन फव्वारे लगाए और बच्चों के लिए रेल के सीमंटेट डिब्बे व घूमक्कड़ प्वाइंट बनवाए और खेल उपकरण विकसित किए। पर्यटकों की आवक बढऩे से यहां हॉर्स राइडिंग भी शुरू हो गई, मत्स्य पालकों ने भी यहां मत्स्य पालन के लिए नवाचार किए। मत्स्य विभाग ने यहां गेस्ट हाउस व प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया था। कैंटीन व पार्किग के भी ठेके होने लगे और सरकारी अधिकारी भी यहां विश्रामगृह में सरकारी काम निपटाते थे।
सब कुछ उजाड़ है यहां
भीलवाड़ा शहर से १५ किलोमीटर दूर स्थित मेजा बांध में यहां के हालात आज विपरीत हैं। विला उजाड़ एवं वीरान है, बच्चों की रेलगाड़ी व स्लिप पट्टी टूट चूकी है। कैंटीन व पार्किग में जंगल उग आए हैं, बोटिंग बंद हो गई। विभाग का डाक बंगला भी जर्जर है। दोनों तरणताल पर लगे तालों के भी जंग लग चुकी है। यहां की रोड लाइट बंद है। बांध होने के बावजूद पीने के पानी का संकट है। सुविधाएं नहीं होने से अब शहर एवं आसपास के लोगों का मोह भी मेजा बांध से भंग होने लगा है। रखरखाव के अभाव में मेजा बांध अपना सौंन्दर्य भी खो चुका है।
कागजों में रह गई योजना
तत्कालीन नगर विकास न्यास चेयरमैन रामपाल शर्मा ने वर्ष २०१३ में मेजा बांध काया पलट योजना बनाई। यहां माउंटआबू की भांति बोटिंग, वॉच टॉवर, हट, रेस्टोरेंट, रंगीन फव्वारे की सुविधा जुटाने का खाका खींचा गया, लेकिन सत्ता में बदलाव के साथ ही यह योजना भी कागजों में रह गई।
तीस फीट की क्षमता
30 फ ीट की क्षमता के बांध में अभी सिर्फ दो फ ीट पानी है। इसके बावजूद बांध अभी भी वस्त्रनगरी के कुछ हिस्सों की प्यास बुझा रहा है। यहां से अभी रोजाना बीस 40 लाख लीटर पानी की आपूर्ति शहर को हो रही है, हालांकि वर्ष 2018 तक शहर को 80 से 90 लाख लीटर पानी मिल रहा था।
मातृकुण्डिया से आता पानी
मातृकुण्डिया बांध चित्तौडगढ़ जिले में होने के बावजूद जलसंसाधन विभाग खंड भीलवाड़ा द्वितीय के अधीन है। बांध क्षेत्र में इस साल बारिश नाम मात्र की होने से इस बार मातृकुण्डिया से मेजा बांध के लिए पानी भी नहीं छोड़ा जा सका। मातृकुण्डिया से पानी मेजा तक लाने के लिए जलसंसाधन विभाग ने 52 किमी लबंी फ ीडर नहर बना रखी है।
यूआईटी ले पेराफेरी में
ग्राम पंचायत की आय कम है। नगर विकास न्यास की पेराफेरी में अभी मांडल व सुरास पंचायत है, लेकिन मेजा बांध क्षेत्र अभी तक प्रस्तावित है। न्यास मेजा पंचायत को भी अपनी पेराफेरी में ले, ताकि मेजा बांध व आसपास के गांवों का भी विकास हो सके।
- छोटू सिंह पुरावत, सरपंच, मेजा

दो करोड़ के प्रस्ताव सरकार को भेजे

मेजा बांध जलसंसाधन विभाग की संपति है। बांध को टूरिस्ट पैलेस बनाने के लिए दो करोड़ की लागत की योजना बनाई है। निर्माण कार्य डीएमएफटी फंड से कराने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवा रखा है। प्रस्ताव मंजूर होता है तो मेजा बांध की माउंट वैली विकसित होगी और मेजा बांध फिर शहर वासियों को लुभाएगा।
- सीएल कोली, अधिशासी अभियंता, खंड द्वितीय

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

भारत ने निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बैन 28 फरवरी तक बढ़ायासानिया मिर्जा ने किया संन्यास का ऐलान, बोलीं-'मेरा शरीर खराब हो रहा है'UP Assembly Elections 2022 : अखिलेश यादव ने कहा सपा की सरकार बनी तो महिलाओं को देंगे 1500 रुपये प्रति महीने पेंशनMaharashtra Nagar Panchayat Election Result: 106 नगरपंचायतों के चुनावों की वोटों की गिनती जारी, कई दिग्‍गजों की प्रतिष्‍ठा दांव परOBC Reservation: ओबीसी राजनीतिक आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसलाUP Election 2022: यूपी चुनाव से पहले मुलायम कुनबे में सेंध, अपर्णा यादव ने ज्वाइन की बीजेपी10 कंट्रोवर्शियल विधानसभा सीटें जहां से दिग्गज ठोकेंगे चुनावी ताल, समझें राजनीतिक समीकरणचीन की धमकी से डरा पाकिस्तान, चीनी इंजीनियरों को देना पड़ेगा अरबों का मुआवजा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.