दो जवानों की जान लेने वाले जोधपुर के आठ, बाड़मेर के दो व पाली का एक बदमाश शामिल

जोधपुर। जिले के दो थाना इलाकों में फायरिंग कर दो सिपाहियों की जान लेने के आरोपी मादक पदार्थ तस्कर पांचवें दिन भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ पाए। इससे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस जांच में अब तक आरोपियों में आठ जने जोधपुर, दो बाड़मेर व एक युवक पाली जिले के पाए गए है।

By: Akash Mathur

Published: 15 Apr 2021, 09:58 AM IST

भीलवाड़ा. जोधपुर। जिले के दो थाना इलाकों में फायरिंग कर दो सिपाहियों की जान लेने के आरोपी मादक पदार्थ तस्कर पांचवें दिन भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ पाए। इससे मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस जांच में अब तक आरोपियों में आठ जने जोधपुर, दो बाड़मेर व एक युवक पाली जिले के पाए गए है। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एमएल लाठर के निर्देशन में भीलवाड़ा के साथ एसओजी व जोधपुर पुलिस को भी तलाश का जिम्मा सौपा गया है। इन टीमों ने जोधपुर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंगलवार देर रात भी छापेमारी की कार्रवाई की। आरोपियों के परिजनों व कुछ करीबियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। फायरिंग में शामिल सरगना के हाथ नहीं आने से पुलिस उलझन में पड़ गई है। जिन बदमाशों को नामजद किया गया है उनमें एक आरोपी पेरोल से फरार चल रहा था।

११ नामजद आरोपी घरों से गायब, सादी वर्दी में निगरानी

भीलवाड़ा पुलिस ने जवानों की हत्या में शामिल ११ बदमाशों को नामजद किया है। इनमें डांगियावास के पास मतवालों की ढाणी, डोली, पाली में शिवपुरा के भाणिया गांव, पीपाड़ शहर थानान्तर्गत कूड़ गांव के दो युवक, बाड़मेर, भोपालगढ़ में नांदिया, लाम्बा और बिलाड़ा के पास केरियों की ढाणी के युवक शामिल हैं। आरोपियों में कूड़ गांव का एक युवक पैरोल से फरार बताया जाता है। फरार आरोपियों के गांव और घरों पर निगरानी के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात कर रखें है। इसके अलावा मुखबिरों को भी अलर्ट मोड़ पर रखा गया है।

तस्करों की शातिर गैंग, मारवाड़ में करना था सप्लाई

भीलवाड़ा फायरिंग करके भागे जोधपुर, बाड़मेर व पाली के मादक पदार्थ के शातिर तस्कर है। उनके खिलाफ भी पूर्व में कई मुकदमे दर्ज है। भीलवाड़ा पुलिस ने उन मुकदमों का भी रिकॉर्ड निकलवाया, जिसे लेकर भी एक टीम छानबीन कर रही है। मध्यप्रदेश से डोडा चूरा और अफीम की खेप को खरीद कर इसे जोधपुर ले जाना था। वहां इसे सप्लाई किया जाना था।

कई और ठिकानों पर दबिश

कातिलों की धरपकड़ के लिए संयुक्त टीम ने कई ठिकानों पर दबिश दी। नामजद आरोपी तो पकड़ में नहीं आए, लेकिन इनके करीबियों व परिजन को हिरासत में लिया गया। समर्पण कराने के लिए परिजन के मार्फत आरोपियों पर दबाव डाला जा रहा है। इसके लिए कुछ संदिग्धों को मंगरोप थाने में रखा गया है। पुलिस की गठित टीमों को अलग-अलग काम सौंपा गया है।

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