प्रदेश में बिजली संकट, फिर भी अधिकारी व कर्मचारी लापरवाह

प्रदेश में गहराते बिजली संकट के चलते जिला मुख्यालय से लेकर कस्बों व ग्रामीण अंचल में बिजली कटौती शुरू हो गई है। खास तौर पर सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा गया है कि वह लंच समय या कक्ष में नहीं होने की स्थिति में पंखे, एसी, कूलर, ब्लब, ट्यूबलाइट बंद कर दें। पत्रिका टीम के कैमरे की फ्लश चमकी तो कई कक्षों की तरफ दौड़ भी पड़े और लाइटें बुझाई।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 13 Oct 2021, 03:00 PM IST


भीलवाड़ा। प्रदेश में गहराते बिजली संकट के चलते जिला मुख्यालय से लेकर कस्बों व ग्रामीण अंचल में बिजली कटौती शुरू हो गई है। विकट हालात में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व अजमेर डिस्कॉम ने सरकारी विभागों व उपभोक्ताओं को बिजली की बचत की अपील की है। खास तौर पर सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा गया है कि वह लंच समय या कक्ष में नहीं होने की स्थिति में पंखे, एसी, कूलर, ब्लब, ट्यूबलाइट बंद कर दें।

कैमरे चमके तो, दौड़े कर्मचारी

मुख्यमंत्री की अपील का असर सरकारी विभागों में कितना पड़ा और अधिकारी व कर्मचारी कितने सतर्क हुए, यह जानने के लिए राजस्थान पत्रिका टीम ने सोमवार को लंच समय यानि दोपहर १.३० बजे से दोपहर २.३० बजे के मध्य जिला मुख्यालय पर स्थित कई विभागों को टटोला। इस दौरान अधिकांश विभागों में अधिकारी व कर्मचारी बेपरवाह ही दिखे। खास कर अजमेर विद्युत वितरण निगम विभाग में भी कई अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई और लंच समय में भी पंखे व ट््यूब लाइट जल रहे थे। पत्रिका टीम के कैमरे की फ्लश चमकी तो कई कक्षों की तरफ दौड़ भी पड़े और लाइटें बुझाई।

-----
समय: दोपहर 1.25 बजे
स्थान: पशु पालन विभाग
स्थिति: संयुक्त निदेशक कक्ष में मौजूद नहीं थे, लेकिन पंखे व लाइट जल रही थी
..........................
समय: दोपहर 1.30 बजे
स्थान: कोष विभाग
स्थिति: यहां एक कक्ष में एक भी कर्मचारी नहीं था। 5ट्यूब लाइटें व 2पंखे चल रहे थे।
------
समय: दोपहर १.३४ बजे
स्थान: उपखण्ड कार्यालय
स्थिति: कमरा नम्बर 32 में कोई नहीं था, 2 ट्यूब लाइटें व 2 पंखे चल रहे थे।
-------
समय: दोपहर 1.37 बजे
स्थान: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
स्थिति: उपनिदेशक कक्ष में अधिकारी व कर्मचारी नहीं थे। 9 ट्यूब लाइटें व 2 पंखे चल रहे थे।
--------
समय: दोपहर 1.39 बजे
स्थान: रसद विभाग
स्थिति: प्रवर्तन निरीक्षक कक्ष में अधिकारी व कर्मचारी नहीं थे। 3 ट्यूब लाइटें व 1 पंखा चल रहा था।
-------
समय: दोपहर 1.42 बजे
स्थान: जिला परिषद
स्थिति: प्रधानमंत्री आवास योजना के पास का कक्ष,कक्ष में अधिकारी व कर्मचारी नहीं थे। 4 ट्यूब लाइटें व 1 पंखा चल रहा था।
-----
समय: दोपहर1.56 बजे
स्थान: कृषि विभाग
स्थिति: उपनिदेशक कक्ष में अधिकारी नहीं थे। 3 ट्यूब लाइटें व 1 पंखा चल रहा था।
-----
समय: दोपहर 1.57 बजे
स्थान: कृषि विभाग
स्थिति: संस्थापन कक्ष में कर्मचारी नहीं था। 3 ट्यूब लाइटें व 1 पंखा चल रहा था।
------
समय: दोपहर 2.01 बजे
स्थान: अजमेर विद्युत वितरण निगम
स्थिति: लेखाधिकारी, एक्सईएएन व अन्य कक्ष में एक भी अधिकारी व कर्मचारी नहीं था। इन तीनों कमरों में मिलाकर 15 ट्यूब लाइटें व 9 पंखे चल रहे थे।
--------
समय: दोपहर 2.15 बजे
स्थान: नगर विकास न्यास
स्थिति: यहां सहायक अभियन्ता के कक्ष में ऐसी, 3 ट्यूब लाइटें चल रहे थे। रोशनी पूरी होने के बाद सभी बरामदों की लाइटें व पंखे चालू थे। खास बात तो यह है कि अधीक्षण अभियन्ता, अधीशासी अभियन्ता व सहायक अभियन्ता के कक्ष बाहर से तो बन्द थे, लेकिन इनमें ऐसी, पंखे व लाइटें चालू थी, विभिन्न शाखाओ में भी लाइटें जल रही थी ।

Narendra Kumar Verma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned