चार बार प्लाज्मा दान करने के बाद भी हौंसला नहीं हुआ कम

प्लाज्मा बैंक शुरू होने के साथ ही दिया था पहला प्लाज्मा

By: Suresh Jain

Updated: 20 Nov 2020, 09:48 AM IST

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
जिले में प्लाज्मा बैंक शुरू होने के साथ ही पहली बार प्लाज्मा दान करने वाले शहर के आरसी व्यास कॉलोनी निवासी आशीष बापना (३१) अब तक चार बार इसे दान कर चुके है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें पता लगा कि प्लाज्मा दान करने से लोगों की जान बचती है, तो वे सबसे पहले तैयार हो गए। जैसे ही उनके पास इसके लिए कॉल आया तो वे दौड़कर प्लाज्मा दान करने चले गए। मन में सोचा कि अगर इस पुनीत कार्य से किसी की जान बचती है तो उससे बड़ी बात क्या होगी। प्लाज्मा देने के बारे मेंं परिजनों को पहले नहीं बताया गया। प्लाज्मा देने के बाद जब परिवार जनों से चर्चा की तो सभी इसकी सराहना करते हुए कहा कि ये अच्छा निर्णय है।
यह नहीं पता, किसे चढ़ाया
बापना का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि उनका प्लाज्मा किसे दिया गया, ना ही उन्होंने पता लगाने का प्रयास किया। जैसे ही उन्होंने प्लाज्मा दान किया तो उनके मन में तसल्ली का 'सागरÓ उमड़ रहा था। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को इस नेक कार्य में आगे आना चाहिए। ये बेहतर कार्य है, किसी की जान बचाने से बड़ा कोई तप नहीं। ।
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इस तरह किया प्लाज्मा दान
महात्मा गांधी अस्पताल के ब्लड बैंक में ५ सितम्बर से प्लाज्मा डोनेशन कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ था। उसी दिन आशीष बापना ने पहली बार प्लाज्मा दान किया था। दूसरी बार २४ सितम्बर, तीसरी बार १४ अक्टूबर तथा चौथी बार भी १ नवम्बर को जयपुर में ही प्लाज्मा दान किया।
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प्लाज्मा थैरेपी क्या है
कोविड पॉजिटिव मरीज, जो नेगेटिव हो चुका है। उसकी रिपोर्ट दो नेगेटिव आ चुकी हो और उसके 28 दिन पूरे हो चुके हो, वहीं स्वस्थ व्यक्ति ही प्लाज्मा दे सकता है। उसके कुछ टेस्ट होने के बाद उसके ब्लड पार्ट से प्लाज्मा अलग से निकालते है। उसमें रोग मारक क्षमता होती है। उसे कोविड मरीज को चढ़ाया जाता है।

Suresh Jain Reporting
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