चुनाव जीतकर भी भीलवाड़ा में इन नेताओं की डगमगाती रही कुर्सी

patrika.com/rajsthan news

By: jasraj ojha

Published: 20 Jul 2020, 05:56 PM IST

जसराज ओझा भीलवाड़ा. जनता ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना लेकिन अधिकांश जगह विवादों के चलते काम नहीं हुए। कहीं पक्ष व विपक्ष के बीच मनमर्जी को लेकर ठनी तो कहीं अपनों ने ही घेरे रखा। जहाजपुर हो या गंगापुर नगर पालिका। इनमें तो पालिका अध्यक्षों को तत्कालीन भाजपा सरकार ने निलंबित कर दिया था। वे फिर स्थगन से आए और कुर्सी संभाली। इसी तरह भीलवाड़ा नगर परिषद में भी आए दिन विवाद होते रहे। तत्कालीन सभापति समदानी के कभी आयुक्त से नहीं बनी तो कभी पार्षदों से। इसका खामियाजा जनता को ही भुगतना पड़ा। मतलब यह है कि निकायों में काम ढंग से नहीं हुआ। यहां तक की एक बोर्ड में चार-चार सभापति बदल गए।
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जहाजपुर: अविश्वास पर मतदान हुआ पर परिणाम नहीं आया
जहाजपुर नगरपालिका में विवेक मीणा कांग्रेस समर्थित पालिका अध्यक्ष है। २७ दिसंबर २०१६ को भाजपा सरकार ने इनको निलंबित कर दिया था। न्यायालय ने इस पर १६ अगस्त २०१७ को रोक लगा दी। इस अवधि में सरकार ने नरेश मीणा को पालिका अध्यक्ष बने। दस सितंबर २०१८ को १५ पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव किया था। इस पर १८ सितंबर को मतदान तय हुआ था। इस मामले में न्यायालय ने स्थगन दे दिया था। १८ जून २०१९ को मीणा के खिलाफ असंतुष्ट पार्षदों ने दोबारा अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। पालिका में कुल २० पार्षद है। इसमें से १६ यहां उपस्थित हुए थे। इसमें भाजपा के आठ, कांग्रेस के पांच और तीन निर्दलीय शामिल थे। अभी परिणाम पर रोक होने से विवेक पालिका अध्यक्ष बने हुए हैं। अब लगातार सीट पर होने पर कुछ अटके काम हुए हैं।
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गंगापुर: रेखा भी हुई थी निलंबित, फिर संभाली कुर्सी
गंगापुर नगरपालिका में कांग्रेस समर्थित रेखा चंदेल 22 अगस्त, 2015 को चेयरमैन बनी थीं। शुरू से ही नेता प्रतिपक्ष भाजपा के ओमप्रकाश चंदेल थे जो इनके रिश्तेदार भी है इनके बीच विवाद होता रहा। तत्कालीन भाजपा सरकार ने सात मार्च २०१८ को रेखा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष आेमप्रकाश को पालिका अध्यक्ष की कुर्सी संभलाई थी। हालांकि बाद में रेखा ने न्यायालय में जाकर फिर से स्थगन प्राप्त कर लिया। गंगापुर नगरपालिका में पूरा कार्यकाल विवादों में ही रहा। यहां पर १२ अप्रेल २०१७ को नगरपालिका पर भीलवाड़ा से आई एसीबी की टीम ने छापा मारकर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की थी। पनघट व सड़क निर्माण की शिकायत थी। हालांकि अब काम हो रहे हैं।
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भीलवाड़ा: भाजपा से कांग्रेस में गई तो भी आया अविश्वास
२१ अगस्त २०१५ को ललिता समदानी भाजपा से सभापति के लिए निर्वाचित हुई। कुछ समय सही चला लेकिन बाद में विवाद शुरू हो गए। ०२ अगस्त २०१८ को समदानी के विरोध में विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी सुबह जयपुर गए। शाम को पार्टी से निष्कासन का आदेश। ०९ अक्टूबर २०१८ को तत्कालीन भाजपा सरकार ने उन्हें पद से निलंबित कर दिया। ०७ नवंबर २०१८ को दीपिका कंवर ने सभापति पद संभाला। १३ दिसंबर २०१८ को निलंबन पर रोक लगा दी। इसके बाद ११ सितंबर २०१९ को समदानी ने जयपुर में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। २८ नवंबर को मतदान में पास हो गया। अब मंजू पोखरना को सभापति मनोनीत किया लेकिन वे नौ दिन ही सभापति रही। इसके बाद उपचुनाव में भाजपा की मंजू चेचाणी सभापति चुनी गई है।
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गुलाबपुरा: ईओ हो गए थे निलंबित
२३ फरवरी २०१९ को गुलाबपुरा उपखंड अधिकारी संतोष मीणा व नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णगोपाल माली के बीच भिड़ंत हो गई। दोनों ही अधिकारियों ने एक-दूसरे पर अभद्रता का आरोप था। बाद में सरकार ने ईओ को निलंबित कर दिया था। हालांकि यहां पर पालिकाध्यक्ष धनराज गुर्जर काफी सक्रिय रहे थे।आसींद: विधायक व पालिकाध्यक्ष में भी ठनी थी २८ सितंबर २०१७ को आसींद में दशहरे मेले को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष कैलाशी देवी खटीक और तत्कालीन विधायक रामलाल गुर्जर के बीच विवाद हुआ था। विधायक गुर्जर ने पालिकाध्यक्ष की अनुशासनहीनता की शिकायत तत्कालीन जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल को भी की थी। यहां दूसरे विवाद भी चलते रहे।
शाहपुरा: चलता रहा गतिरोध
शाहपुरा नगरपालिका में गतिरोध चलता रहा। कभी सफेदे व नीम के पेड़ काटने को लेकर विवाद हुए तो कभी अतिक्रमण हटाने को लेकर। भाजपा पार्षदों नगर पालिका अध्यक्ष किरण तोषनीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कई बार किया। कई बार बोर्ड बैठक में भी हंगामा रहा। हालांकि यहां कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया।
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अब आगे क्या
अगले माह २२ अगस्त को नगर परिषद सहित अन्य निकायों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। सरकार ने सभी जिला कलक्टर से रिपोर्ट मांगी है कि क्या इस समय चुनाव हो सकते हैं। इसमें प्रशासन ने वर्तमान समय में चुनाव नहीं कराने की अनुशंसा की है। एेसे में अब सभी निकायों में प्रशासक नियुक्त हो सकते हैं।

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