भीलवाड़ा में किसान लॉक-डाउन, मंडी में सन्नाटा

लॉक डाउन में आम जनता नए अनाज को तरस गई है। वही अनाज के खेत से कटकर खलिहानों व गोदामों में आने के बावजूद मंडी नहीं खुलने और व्यापारियों के खरीद के लिए आगे नहीं आने से किसानों का रातों की नींद व दिन का चेन उड़ा हुआ है। दूसरी तरफ किसानों की चिंता दूर करने के लिए प्रदेश में सरकार ने कोटा संभाग में एक मई से खरीद शुरू करने के बाद भीलवाड़ा समेत अन्य जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूंए चना व सरसो की खरीद का आश्वासन दिया है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 23 Apr 2020, 11:17 AM IST


नरेन्द्र वर्मा

भीलवाडा़। लॉक डाउन में आम जनता नए अनाज को तरस गई है। वही अनाज के खेत से कटकर खलिहानों व गोदामों में आने के बावजूद मंडी नहीं खुलने और व्यापारियों के खरीद के लिए आगे नहीं आने से किसानों का रातों की नींद व दिन का चेन उड़ा हुआ है। दूसरी तरफ किसानों की चिंता दूर करने के लिए प्रदेश में सरकार ने कोटा संभाग में एक मई से खरीद शुरू करने के बाद भीलवाड़ा समेत अन्य जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूंए चना व सरसो की खरीद का आश्वासन दिया है।

प्रदेश में लॉक डाउन ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लॉक डाउन में कामधंधे बंद होने से अधिकांश श्रमिक अपने गांवों की तरफ पलायन कर चुके है। इसका असर खेती पर भी आया है। किसानों को खेतों से गेहूं की कटाई के लिए मजदूर तक नहीं मिले। इस परिस्थितियों में किसान परिवार समेत खेतों में जुटा और गांव के परिवारों ने आपस में सहयोग करते हुए गेहूंए सरसो व चने की फसल खेत से उतारी। लेकिन किसानों की परेशानी अभी भी जस की तस है। जिले में लॉक डाउन होने से कृषि उपज मंडियोंं में कृषि जिंस की खरीद बंद हैए इन हालात मेंंं किसान उपज का मोल नहीं मिलने से चिंतित है। किसानों को प्रदेश में लॉक डाउन हटने के साथ ही मंडिया पूर्ण रूप से खोलने के आदेश का इंतजार है।

दूरदराज के गांवों से आती है उपज
जिले मेंं अप्रेल माह में कृषि जिंसों की खरीद बम्पर स्तर पर होने से भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी में मेले का माहौल रहता है।
जिले के विभिन्न हिस्सों बीगोदए सवाईपुरए कोटड़ीएमंगरोपएहमीरगढ़एमंडपियाएगंगापुरएबनेड़ाएरायलाए सुवाणा सांगानेरए आरजिया व पालड़ी समेत 50 से अधिक गांवों व कस्बे से लोग अपनी उपज बेचने भीलवाड़ा मंडी में आते है। भीलवाड़ा खाद्यान्न व्यापार संघ अध्यक्ष मुरली इनाणी बताते है कि मंडी में इन दिनों महाकफ्र्यू एवं जिले में लॉक डाउन होने से सन्नाटा पसरा हुआ है। गत वर्ष अप्रेल माह में रोजाना गेहूं की चार हजार बोरीए चने की डेढ हजार व सरसो की दो हजार से अधिक बोरी आई थीए लेकिन इस बार किसानों की उपज खेतए खलिहान व गोदामों में ही बंद है। अनाज की बिक्री के आंकड़े बताते है कि मंडी में रोजाना दो करोड़ की राजस्व आय कृषिं जिंस की बिक्री से होती है।

घरों में नए गेहूं की बढ़ी मांग
अनाज व्यापारी शिव गगरानी बताते है कि मंडी में नया गेहूं आने से लोग अपने घरों के लिए बोरियां ले जाना शुरू कर देते हैए शहर के अधिकांश परिवार घर के लिए गेहूं की खरीद अप्रेल में ही करते हैए अभी भी घरों से लोगों के फोन आ रहे है कि मंडी कब खुलेगी और वो कब मंडी में गेहूं लेने आए। गगरानी बताते है कि भीलवाड़ा के गेहूं की देश के विभिन्न आटा मिलों में भी रहती है और सउदी अरब के देशों में भी समुद्र मार्ग से गेहूं का निर्यात होता है।

कपास पर पड़ेगा असर
कोटड़ी के किसान छीतर गुर्जरए नंदा जाट ने बताया कि लॉक डाउन के कारण किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ी हैए मार्च के अंतिम सप्ताह में ही वो मंडी में उपज लाना शुरू कर देते हैए लेकिन अब तो अप्रेल माह भी बीतने लगा है। समय रहते गेहूंएसरसोएचनाएतारामीरा व जौ की खरीद मंडी व समर्थन मूल्य पर शुरू नहीं हुई तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता हैए वही अगली फसल कपास की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है।

23 केन्द्रों पर खरीद की तैयारी
प्रदेश में एक मई से कोटा संभाग में गेहूंएचना व सरसो की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू हो रही है। इसके साथ ही कुछ दिनों में भीलवाड़ा समेत अन्य जिलों में भी समर्थन मूल्य पर खरीद की कार्ययोजना बनी है। सरकार ने समर्थन मूल्यों में बढ़ोतरी भी की है। गेहूं 1925 रुपएए सरसो 4425 व चने की 4875 रुपए प्रति क्विंटल की खरीद दर सरकार ने तय की है। भीलवाड़ा जिले में कुल 23 केन्द्रों पर खरीद होगी। इनमें जहाजपुर व आसीन्द में 3.3ए सहाड़ाए मांडलगढ़एहुरड़ाए मांडलए करेड़ा व शाहपुरा में 2.2 तथा कोटड़ीएबदनोरएरायपुर व बनेड़ा में 1.1 केन्द्र पर समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद होगी। सरकार ने समर्थन मूल्य केन्द्र बढ़ाने जाने को लेकर भी फीड बेक लिया है।
महिपाल सिंह राठौड़ए सचिव भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी समिति

Narendra Kumar Verma Reporting
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